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RAS प्रश्न

विखंडन और संलयन परमाणु प्रतिक्रियाओं में मुख्य अंतर क्या है?

सही उत्तर: (C) विखंडन में भारी नाभिक टूटते हैं, जबकि संलयन में हल्के नाभिक जुड़ते हैं; दोनों में ऊर्जा मुक्त होती है।

विखंडन में भारी नाभिक टूटकर हल्के टुकड़ों में बदलते हैं, जबकि संलयन में हल्के नाभिक जुड़कर भारी नाभिक बनाते हैं, और दोनों प्रक्रियाएँ ऊर्जा मुक्त करती हैं।

  1. (A)

    दोनों में भारी परमाणु टूटते हैं

  2. (B)

    संलयन में परमाणु टूटते हैं, जबकि विखंडन में वे जुड़ते हैं

  3. (C)

    विखंडन में भारी नाभिक टूटते हैं, जबकि संलयन में हल्के नाभिक जुड़ते हैं; दोनों में ऊर्जा मुक्त होती है

  4. (D)

    कोई अंतर नहीं है

व्याख्या

मुख्य बात विखंडन और संलयन की परिभाषाओं का अंतर है। विखंडन में न्यूट्रॉन बड़े परमाणु से टकराता है और उसे दो छोटे परमाणुओं या विखंडन उत्पादों में बाँट देता है; प्रत्येक टूटन पर बहुत ऊर्जा निकलती है। इसी कारण यूरेनियम और प्लूटोनियम जैसे भारी नाभिक विखंडन प्रतिक्रियाओं में आते हैं। इसके उलट, संलयन में दो हल्के परमाणु मिलकर भारी परमाणु बनाते हैं, जैसे दो हाइड्रोजन परमाणु मिलकर हीलियम बनाते हैं। यही प्रक्रिया सूर्य को ऊर्जा देती है और विखंडन से कई गुना अधिक ऊर्जा दे सकती है। इसलिए मुख्य अंतर यही है कि विखंडन तोड़ता है, संलयन जोड़ता है, और दोनों ऊर्जा मुक्त करते हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A गलत है, क्योंकि भारी परमाणुओं को तोड़ना विखंडन की विशेषता है; संलयन में हल्के परमाणु जुड़कर भारी परमाणु बनाते हैं।
  • (B) B में दोनों प्रक्रियाओं की परिभाषाएँ उलट दी गई हैं: विखंडन परमाणु या नाभिक को तोड़ता है, जबकि संलयन हल्के परमाणुओं को जोड़ता है।
  • (D) D गलत है, क्योंकि विखंडन और संलयन दो अलग भौतिक प्रक्रियाएँ हैं; एक में टूटन होती है और दूसरी में जुड़ाव होता है।

अवधारणा

नाभिकीय ऊर्जा के मूल सिद्धांतों में विखंडन और संलयन की परिभाषा बुनियादी स्थान रखती है। RAS में विज्ञान-प्रौद्योगिकी के अंतर्गत ऊर्जा स्रोतों और नाभिकीय प्रक्रियाओं की बुनियादी समझ सीधे पूछी जाती है।

स्रोत

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