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RAS प्रश्न

भारत के पहले हाइड्रोजन-संचालित यात्री पोत में प्रयुक्त हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक का एकमात्र उपोत्पाद क्या है?

सही उत्तर: (B) पानी।

भारत के पहले हाइड्रोजन-संचालित यात्री पोत में प्रयुक्त हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक का एकमात्र उपोत्पाद पानी है।

  1. (A)

    कार्बन डाइऑक्साइड

  2. (B)

    पानी

  3. (C)

    नाइट्रोजन

  4. (D)

    मीथेन

व्याख्या

हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक में मुख्य बात उसका उपोत्पाद है। भारत के पहले हाइड्रोजन-संचालित यात्री पोत में निम्न-तापमान PEM ईंधन सेल प्रणाली लगी है। PIB के अनुसार यह प्रणाली संग्रहित हाइड्रोजन को बिजली में बदलती है और उपोत्पाद के रूप में केवल पानी छोड़ती है। इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन या मीथेन इसके उपोत्पाद नहीं हैं। इसी कारण यह पोत शून्य धुआं और शून्य प्रदूषण वाली स्वच्छ जल-परिवहन तकनीक का उदाहरण है। यहां ईंधन जलाकर धुआं पैदा नहीं किया जा रहा, बल्कि हाइड्रोजन से बिजली बन रही है; इस प्रक्रिया में बाहर आने वाला पदार्थ पानी है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) कार्बन डाइऑक्साइड गलत है, क्योंकि PIB के अनुसार इस पोत की ईंधन सेल प्रणाली संग्रहित हाइड्रोजन से बिजली बनाती है और केवल पानी छोड़ती है।
  • (C) नाइट्रोजन गलत है, क्योंकि इस ईंधन सेल प्रणाली का उपोत्पाद नाइट्रोजन नहीं, केवल पानी है।
  • (D) मीथेन गलत है, क्योंकि पोत हाइड्रोजन ईंधन सेल पर चलता है और उससे निकलने वाला उपोत्पाद मीथेन नहीं, पानी है।

अवधारणा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन ईंधन सेल की बुनियादी समझ RAS के लिए महत्त्वपूर्ण है। ऐसी तकनीकें सरकारी पहलों, पर्यावरण और समसामयिक विकास से सीधे जुड़ती हैं।

स्रोत

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