RAS प्रश्न
86वें संशोधन के बाद कुल मूल कर्तव्य:
सही उत्तर: (C) 11।
86वें संशोधन, 2002 से अनुच्छेद 51A(k) जुड़ने के बाद भारत के संविधान में मूल कर्तव्यों की कुल संख्या 11 है।
व्याख्या
भारत के संविधान के भाग IVA में अनुच्छेद 51A के तहत मूल कर्तव्य निहित हैं। अनुच्छेद 51A के खंड (a) से (j) तक 10 कर्तव्य हैं और 86वें संशोधन, 2002 से खंड (k) जोड़ा गया। यह खंड माता-पिता या अभिभावक के लिए 6 से 14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा के अवसर देने से जुड़ा है। इसलिए 86वें संशोधन के बाद गिनती केवल पुराने खंडों तक सीमित नहीं रहती; (k) को जोड़ने पर कुल मूल कर्तव्य 11 हो जाते हैं। इसी कारण सही विकल्प C है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 9 सही नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 51A के खंड (a) से (j) तक 10 कर्तव्य हैं और 86वें संशोधन से (k) अलग से जुड़ता है।
- (B) 10 अधूरी गिनती है, क्योंकि यह 86वें संशोधन से जोड़े गए अनुच्छेद 51A(k) को शामिल नहीं करती।
- (D) 12 अधिक गिनती है, क्योंकि अनुच्छेद 51A के खंड (a) से (k) तक कुल 11 मूल कर्तव्य हैं।
अवधारणा
मूल कर्तव्यों पर संविधान संशोधनों का प्रभाव भारतीय राजव्यवस्था का स्थिर तथ्य है। RAS में अनुच्छेद, संशोधन और उनकी गिनती से जुड़े तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
