RAS प्रश्न
राजस्थान की 'थेवा' कला, जिसमें कांच पर सोने का काम किया जाता है, कहाँ से उत्पन्न हुई?
सही उत्तर: (A) प्रतापगढ़।
राजस्थान की थेवा कला प्रतापगढ़ से उत्पन्न मानी जाती है, जिसमें काँच पर सोने की पतली चादर से सूक्ष्म काम किया जाता है।
व्याख्या
थेवा को पहचानने की कुंजी उसका स्थान और तकनीक, दोनों हैं। राजस्थान हैंडमेड के अनुसार यह आभूषण बनाने की विशेष कला है, जिसमें बारीक काम की गई सोने की चादर को पिघले काँच पर उभारकर लगाया जाता है। यह कला राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में विकसित हुई। थेवा का संबंध प्रतापगढ़ जिले, राज सोनी परिवार द्वारा 400 से अधिक वर्षों से इसके अभ्यास और भौगोलिक संकेतक मान्यता से भी जुड़ा है। काँच पर सोने के काम वाली इस कला की सही पहचान प्रतापगढ़ है, न कि राजस्थान के अन्य बड़े कला-केंद्र।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) उदयपुर राजस्थान की अन्य कलाओं से जुड़ा हो सकता है, लेकिन थेवा की उत्पत्ति प्रतापगढ़ जिले में मानी जाती है।
- (C) जोधपुर सही नहीं है, क्योंकि थेवा के विकास-स्थान के रूप में प्रतापगढ़ का नाम आता है।
- (D) जयपुर विकल्प भ्रामक है; थेवा की पहचान प्रतापगढ़ की काँच और सोने वाली विशिष्ट कला के रूप में होती है।
अवधारणा
राजस्थान की हस्तकलाओं में भौगोलिक पहचान का बड़ा महत्व है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में ऐसी कलाएँ बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि स्थान, तकनीक और परंपरागत कारीगर-समुदाय को साथ पहचानना पड़ता है।
