RAS प्रश्न
भारत में मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC) योजना के तहत मिट्टी की कितने मापदंडों पर जाँच की जाती है?
सही उत्तर: (C) 12 मापदंड।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में मिट्टी की स्थिति 12 मापदंडों पर दर्ज की जाती है।
व्याख्या
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2015 में शुरू हुई और इसका उद्देश्य किसानों को उनकी मिट्टी की पोषक स्थिति के बारे में साफ जानकारी देना है। Press Information Bureau के अनुसार मृदा स्वास्थ्य कार्ड में मिट्टी की स्थिति 12 मापदंडों के आधार पर दी जाती है: N, P, K और S जैसे मुख्य पोषक तत्व; Zn, Fe, Cu, Mn और B जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व; साथ में pH, EC और OC। इसी आधार पर किसान को उर्वरक की सिफारिश और खेत के लिए जरूरी मिट्टी-सुधार मिलते हैं। 12 मापदंड सही हैं, क्योंकि योजना केवल कुछ बड़े पोषक तत्वों तक सीमित नहीं है, बल्कि अम्लीयता/क्षारीयता, चालकता और कार्बनिक कार्बन को भी साथ रखती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 6 मापदंड कहना अधूरा है, क्योंकि योजना में मुख्य पोषक तत्वों के साथ सूक्ष्म पोषक तत्व और pH, EC, OC भी शामिल हैं।
- (B) 9 मापदंड भी सही संख्या नहीं है, क्योंकि मृदा स्वास्थ्य कार्ड में कुल 12 मापदंड शामिल हैं।
- (D) 18 मापदंड अधिक अनुमान है; मृदा स्वास्थ्य कार्ड में N, P, K, S, Zn, Fe, Cu, Mn, B, pH, EC और OC शामिल हैं।
अवधारणा
कृषि-प्रौद्योगिकी और सरकारी योजनाओं में मिट्टी-परीक्षण की बुनियादी समझ जरूरी है। RAS में ऐसी योजनाएं बार-बार आती हैं, क्योंकि वे किसान-कल्याण, पोषक प्रबंधन और सतत कृषि से सीधे जुड़ती हैं।
