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RAS प्रश्न

ISRO द्वारा विकसित लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) का उद्देश्य है:

सही उत्तर: (A) 500 किग्रा तक के लघु उपग्रहों को LEO में मांग के अनुसार प्रक्षेपित करना।

ISRO का SSLV छोटे उपग्रहों को माँग के अनुसार LEO में भेजने के लिए बनाया गया है, जिसकी क्षमता 500 किग्रा तक है।

  1. (A)

    500 किग्रा तक के लघु उपग्रहों को LEO में मांग के अनुसार प्रक्षेपित करना

  2. (B)

    PSLV को पूर्णतः प्रतिस्थापित करना

  3. (C)

    5 टन से अधिक के उपग्रहों को LEO में प्रक्षेपित करना

  4. (D)

    अंतरग्रहीय अन्वेषण यानों का प्रक्षेपण करना

व्याख्या

SSLV का मूल उद्देश्य भारी प्रक्षेपण नहीं, बल्कि छोटे उपग्रहों के लिए कम लागत वाला और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध प्रक्षेपण देना है। ISRO के अनुसार यह यान 500 किग्रा तक के छोटे उपग्रहों को LEO में भेजने के लिए विकसित किया गया है। SSLV 10 से 500 किग्रा द्रव्यमान वाले लघु, सूक्ष्म या नैनो उपग्रहों को 500 किमी कक्षा तक ले जा सकता है। इसकी क्षमता LEO में 500 किग्रा और SSO में 300 किग्रा तक है। इसलिए विकल्प A सही है: SSLV उभरते लघु उपग्रह बाज़ार की जरूरत पूरी करता है, जहाँ कम लागत, कम तैयारी-समय, कई उपग्रहों को साथ रखने की सुविधा और न्यूनतम प्रक्षेपण ढाँचा अहम हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) PSLV को पूरी तरह हटाना SSLV का उद्देश्य नहीं है; SSLV छोटे उपग्रहों की अलग जरूरत पूरी करने वाला यान है।
  • (C) 5 टन से अधिक उपग्रह SSLV की श्रेणी से बाहर हैं, क्योंकि इसका दायरा छोटे उपग्रहों तक है और LEO के लिए इसकी क्षमता 500 किग्रा तक है।
  • (D) अंतरग्रहीय अन्वेषण यानों के लिए SSLV नहीं बनाया गया; इसका उद्देश्य छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना है।

अवधारणा

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में प्रक्षेपण यानों के उद्देश्य और भार-क्षमता की समझ RAS के लिए महत्वपूर्ण है। RAS में ISRO की नई तकनीकों से ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि वे विज्ञान-प्रौद्योगिकी और समसामयिक दोनों हिस्सों से जुड़ते हैं।

स्रोत

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