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RAS प्रश्न

भारतीय वायु सेना द्वारा तैनात पृथ्वी-II प्रक्षेपास्त्र की मारक क्षमता लगभग कितनी है?

सही उत्तर: (A) 350 किमी।

भारतीय वायु सेना से जुड़ा पृथ्वी-II प्रक्षेपास्त्र लगभग 350 किमी की मारक क्षमता वाला संस्करण है।

  1. (A)

    350 किमी

  2. (B)

    500 किमी

  3. (C)

    150 किमी

  4. (D)

    250 किमी

व्याख्या

पृथ्वी-II को पहचानने की मुख्य कुंजी उसका संस्करण और परास है। यह भारतीय वायु सेना वाला संस्करण है, जिसकी उन्नत परास लगभग 350 किमी है और पेलोड क्षमता 500-1,000 किलोग्राम दी गई है। PIB की रक्षा मंत्रालय रिलीज़ भी पृथ्वी-II को 350 किमी मारक क्षमता वाला, सतह-से-सतह मार करने वाला प्रक्षेपास्त्र बताती है; इसी से विकल्प A सीधे पुष्ट होता है। पृथ्वी-I सेना वाला 150 किमी संस्करण है, इसलिए 150 किमी को पृथ्वी-II से जोड़ना गलत होगा। 250 किमी पुराने/पूर्व परास से जुड़ा भ्रम है, जबकि प्रश्न लगभग वर्तमान/उन्नत परास पूछ रहा है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) 500 किमी को सही नहीं माना जाएगा, क्योंकि पृथ्वी-II की परास लगभग 350 किमी है; 500-1,000 किलोग्राम पेलोड क्षमता है, परास नहीं।
  • (C) 150 किमी पृथ्वी-I यानी सेना वाले संस्करण से जुड़ी परास है, जबकि प्रश्न भारतीय वायु सेना के पृथ्वी-II संस्करण के बारे में है।
  • (D) 250 किमी पृथ्वी-II की पुरानी/मूल परास से जुड़ा भ्रम है; PIB स्रोत में पृथ्वी-II की समर्थित परास 350 किमी है।

अवधारणा

यह प्रश्न रक्षा तकनीक में भारतीय प्रक्षेपास्त्रों के संस्करण, उपयोगकर्ता बल और परास की तथ्यात्मक पहचान जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि विज्ञान-प्रौद्योगिकी में रक्षा प्रणालियों को सीधे तथ्य और सही मिलान के रूप में पूछा जाता है।

स्रोत

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