RAS प्रश्न
सटीक आकार के छिद्रों वाले मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क को डिजाइन और संश्लेषित करने की विधि, जिसे उमर याघी ने विकसित किया, कहलाती है:
सही उत्तर: (B) रेटिकुलर रसायन।
सटीक छिद्र आकार और रासायनिक गुणों वाले धातु-कार्बनिक ढांचों को रूप देकर संश्लेषित करने की विधि रेटिकुलर रसायन कहलाती है।
व्याख्या
उमर याघी ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में रेटिकुलर रसायन को उस तरीके के रूप में विकसित किया जिसमें आणविक निर्माण-खंडों को मजबूत बंधों से जोड़कर क्रिस्टलीय, विस्तारित संरचनाएं बनाई जाती हैं। इसी श्रेणी में छिद्रयुक्त धातु-कार्बनिक ढांचे आते हैं। प्रश्न में संकेत ‘सटीक, पहले से तय छिद्र आकार’ है, इसलिए उत्तर रेटिकुलर रसायन है, क्योंकि इसका जोर केवल अणुओं की ढीली व्यवस्था पर नहीं, बल्कि ऐसे ढांचों के रूपांकन और संश्लेषण पर है जिनकी संरचना और छिद्र नियंत्रित किए जा सकें। इसी नियंत्रण के कारण धातु-कार्बनिक ढांचों को जल संग्रहण या कार्बन को पकड़ने जैसे खास उपयोगों के लिए अनुकूल बनाया जा सकता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) संयोजनात्मक रसायन विज्ञान कई संयोजनों की खोज से जुड़ा सामान्य तरीका है, जबकि यहां पूछा गया तरीका सटीक छिद्रों वाले धातु-कार्बनिक ढांचों की संरचना बनाने वाला रेटिकुलर रसायन है।
- (C) सुप्रामॉलिक्यूलर रसायन विकल्प में व्यापक अणु-व्यवस्था का संकेत है, लेकिन UC Berkeley स्रोत में धातु-कार्बनिक ढांचों के लिए मजबूत बंधों से क्रिस्टलीय विस्तारित संरचना बनाने की विधि रेटिकुलर रसायन बताई गई है।
- (D) हरित रसायन पर्यावरण-अनुकूल रासायनिक दृष्टिकोण का व्यापक क्षेत्र है; यह सटीक छिद्र आकार वाले धातु-कार्बनिक ढांचों को रूप देकर संश्लेषित करने की उमर याघी वाली विधि का नाम नहीं है।
अवधारणा
यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उभरती पदार्थ-विज्ञान तकनीकों, खासकर धातु-कार्बनिक ढांचों, की मूल अवधारणा जांचता है। RAS में ऐसे शब्द इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि इनके उपयोग जल संग्रहण और कार्बन को पकड़ने जैसे समसामयिक अनुप्रयोगों से जुड़ते हैं।
