RAS प्रश्न
1988 में प्रक्षेपित आईआरएस-1ए भारत का पहला परिचालन सुदूर संवेदन उपग्रह था। उसे कक्षा में स्थापित करने के लिए किस प्रक्षेपण यान का उपयोग हुआ?
सही उत्तर: (A) सोवियत वोस्तोक रॉकेट।
1988 में प्रक्षेपित आईआरएस-1ए को बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से सोवियत वोस्तोक रॉकेट द्वारा ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित किया गया था।
व्याख्या
आईआरएस-1ए भारत की परिचालन सुदूर संवेदन शृंखला का आरंभिक उपग्रह था। ISRO के मिशन पृष्ठ के अनुसार इसका प्रक्षेपण 17 मार्च 1988 को बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से हुआ और प्रक्षेपण यान वोस्तोक था। इसकी कक्षा 904 किमी ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक थी। इसलिए सही प्रक्षेपण यान सोवियत वोस्तोक रॉकेट है। उस समय भारत के पास ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा में ऐसे उपग्रह को स्थापित करने में सक्षम स्वदेशी प्रक्षेपण यान उपलब्ध नहीं था, इसलिए सोवियत प्रक्षेपण सुविधा और वोस्तोक रॉकेट का उपयोग किया गया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) एरियन-4 गलत है, क्योंकि ISRO के मिशन पृष्ठ पर आईआरएस-1ए का प्रक्षेपण यान वोस्तोक है, एरियन-4 नहीं।
- (C) PSLV-C1 गलत है, क्योंकि 1988 में भारत के पास ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा के लिए सक्षम स्वदेशी प्रक्षेपण यान नहीं था और आईआरएस-1ए के लिए वाहन वोस्तोक था।
- (D) SLV-3 गलत है, क्योंकि आईआरएस-1ए के लिए ISRO के मिशन पृष्ठ पर प्रक्षेपण यान वोस्तोक है, जबकि SLV-3 उस प्रक्षेपण से मेल नहीं खाता।
अवधारणा
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में सुदूर संवेदन उपग्रहों और प्रक्षेपण क्षमता का विकास RAS के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। विज्ञान-प्रौद्योगिकी में ISRO मिशनों की तिथि, उद्देश्य, कक्षा और प्रक्षेपण यान से सीधे प्रश्न बनते हैं।
