RAS प्रश्न
भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता किस नाम से भी जाना जाता है?
सही उत्तर: (B) 123 समझौता।
भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता 123 समझौता के नाम से भी जाना जाता है।
व्याख्या
भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते को 123 समझौता इसलिए कहा जाता है, क्योंकि अमेरिकी पक्ष के लिए यह समझौता अमेरिकी परमाणु ऊर्जा अधिनियम 1954 की धारा 123 की आवश्यकता के तहत किया गया था। इसका नाम वियना कन्वेंशन, पेरिस की संधि या जिनेवा प्रोटोकॉल जैसे सामान्य अंतरराष्ट्रीय समझौतों से अलग है; यह भारत और अमेरिका के बीच शांतिपूर्ण उपयोगों के लिए परमाणु ऊर्जा सहयोग का द्विपक्षीय समझौता है। इस पर 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षर हुए। इसका उद्देश्य भारत को अपने सैन्य परमाणु कार्यक्रम को अलग रखते हुए अमेरिका से असैन्य परमाणु प्रौद्योगिकी और ईंधन तक पहुंच देना था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) वियना कन्वेंशन राजनयिक संबंधों या परमाणु सुरक्षा जैसे विषयों से जुड़ा माना जाता है, भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु सहयोग के इस द्विपक्षीय समझौते का नाम नहीं है।
- (C) पेरिस की संधि जलवायु परिवर्तन से संबंधित संदर्भ में आती है, जबकि भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता परमाणु ऊर्जा सहयोग से जुड़ा है।
- (D) जिनेवा प्रोटोकॉल रासायनिक और जैविक हथियारों से संबंधित है, इसलिए यह असैन्य परमाणु व्यापार और सहयोग वाले समझौते का नाम नहीं हो सकता।
अवधारणा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में असैन्य परमाणु सहयोग और भारत की परमाणु नीति से जुड़ी शब्दावली महत्वपूर्ण है। RAS में नाम, अधिनियम-आधार और समझौते का उद्देश्य सीधे तथ्यात्मक पहचान से जुड़े होते हैं।
