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RAS प्रश्न

टेराहर्ट्ज़ तकनीक, जिसे 6जी के लिए महत्त्वपूर्ण माना जाता है, किन आवृत्ति सीमाओं के बीच कार्य करती है?

सही उत्तर: (A) माइक्रोवेव और अवरक्त।

टेराहर्ट्ज़ तकनीक विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में माइक्रोवेव और अवरक्त विकिरण के बीच काम करती है।

  1. (A)

    माइक्रोवेव और अवरक्त

  2. (B)

    रेडियो तरंगें और माइक्रोवेव

  3. (C)

    अवरक्त और दृश्य प्रकाश

  4. (D)

    दृश्य और पराबैंगनी

व्याख्या

टेराहर्ट्ज़ तरंगों को पहचानने की कुंजी उनका स्पेक्ट्रम में स्थान है। NIST के अनुसार टेराहर्ट्ज़ विकिरण विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में माइक्रोवेव और अवरक्त विकिरण के बीच आता है, और इसकी आवृत्ति लगभग 300 अरब से 3 खरब चक्र प्रति सेकंड तक बताई गई है। प्रश्न में दी गई सीमा 0.1-10 टेराहर्ट्ज़ और 3 मिलीमीटर-30 माइक्रोमीटर तरंगदैर्ध्य भी इसी मध्य क्षेत्र को दिखाती है। इसलिए सही विकल्प माइक्रोवेव और अवरक्त है। 6जी के संदर्भ में यही बैंड बहुत ऊंची, टेराबिट प्रति सेकंड तक की डेटा दर दे सकता है, लेकिन इसकी रेंज बहुत कम होती है, इसलिए सघन नेटवर्क ढांचा चाहिए।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) रेडियो तरंगें और माइक्रोवेव टेराहर्ट्ज़ से नीचे की आवृत्ति सीमा को बताते हैं, जबकि टेराहर्ट्ज़ क्षेत्र माइक्रोवेव के बाद अवरक्त से पहले आता है।
  • (C) अवरक्त और दृश्य प्रकाश टेराहर्ट्ज़ से ऊपर की सीमा है, क्योंकि टेराहर्ट्ज़ अवरक्त तक पहुंचने से पहले ही माइक्रोवेव और अवरक्त के बीच स्थित होता है।
  • (D) दृश्य और पराबैंगनी क्षेत्र इससे भी ऊंची आवृत्ति का भाग है, जबकि प्रश्न में पूछा गया टेराहर्ट्ज़ क्षेत्र माइक्रोवेव और अवरक्त के बीच है।

अवधारणा

यह प्रश्न विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में तरंगों के क्रम और आधुनिक संचार तकनीक के उपयोग को जांचता है। RAS में विज्ञान-प्रौद्योगिकी के ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि 5जी/6जी जैसे विषय मूल भौतिकी और समसामयिक तकनीक, दोनों से जुड़े होते हैं।

स्रोत

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