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RAS प्रश्न

RISAT-1, भारत का पहला स्वदेशी सर्व-मौसम रडार इमेजिंग उपग्रह, किस प्रकार के रडार का उपयोग करता है?

सही उत्तर: (D) C-बैंड SAR।

RISAT-1 में 5.35 GHz पर काम करने वाला C-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) लगा था।

  1. (A)

    L-बैंड SAR

  2. (B)

    S-बैंड SAR

  3. (C)

    X-बैंड SAR

  4. (D)

    C-बैंड SAR

व्याख्या

RISAT-1 रडार सैटेलाइट-1 के रूप में माइक्रोवेव रिमोट सेंसिंग उपग्रह था और इसमें C-बैंड, 5.35 GHz पर चलने वाला सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) लगाया गया था। ISRO के अनुसार यही रडार धरातल की विशेषताओं की दिन और रात, दोनों समय तथा हर मौसम में इमेजिंग कर सकता था। इसी क्षमता के कारण इसका उपयोग कृषि, खासकर खरीफ मौसम में धान की निगरानी, और बाढ़-चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन में होता था। इसलिए विकल्प D सही है: RISAT-1 की पहचान C-बैंड SAR से जुड़ी है, न कि L-बैंड, S-बैंड या X-बैंड से।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) L-बैंड SAR RISAT-1 का पेलोड नहीं था; L-बैंड SAR NISAR से जुड़ा है, जबकि ISRO के अनुसार RISAT-1 में C-बैंड 5.35 GHz SAR लगा था।
  • (B) S-बैंड SAR RISAT-1 का पेलोड नहीं था; ISRO के अनुसार उसका रडार C-बैंड 5.35 GHz SAR था।
  • (C) X-बैंड SAR RISAT-2 श्रृंखला से जुड़ा है, जबकि RISAT-1 की आधिकारिक पहचान C-बैंड SAR से है।

अवधारणा

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में रिमोट सेंसिंग उपग्रहों और उनके पेलोड की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ISRO मिशन, कृषि निगरानी और आपदा प्रबंधन से जुड़े तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि ये विज्ञान-प्रौद्योगिकी के सीधे उपयोग को दिखाते हैं।

स्रोत

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