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RAS प्रश्न

पुनर्योगज डीएनए (रीकॉम्बिनेंट DNA) प्रौद्योगिकी में क्या शामिल है?

सही उत्तर: (B) विभिन्न स्रोतों के डीएनए अणुओं को जोड़कर नए आनुवंशिक संयोजन बनाना।

पुनर्योगज डीएनए प्रौद्योगिकी में अलग-अलग स्रोतों के डीएनए अणुओं या खंडों को जोड़कर नए आनुवंशिक संयोजन बनाए जाते हैं।

  1. (A)

    हानिकारक डीएनए अनुक्रमों को नष्ट करना

  2. (B)

    विभिन्न स्रोतों के डीएनए अणुओं को जोड़कर नए आनुवंशिक संयोजन बनाना

  3. (C)

    बिना किसी संशोधन के डीएनए की प्रतिलिपि बनाना

  4. (D)

    एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफी द्वारा डीएनए की संरचना का अध्ययन

व्याख्या

पुनर्योगज डीएनए प्रौद्योगिकी का मूल काम डीएनए को नष्ट करना या केवल उसकी नकल बनाना नहीं है, बल्कि अलग-अलग स्रोतों से मिले डीएनए खंडों को नियंत्रित ढंग से जोड़ना है। इसमें प्रतिबंधन एंजाइम डीएनए को उपयुक्त स्थानों पर काटने में और लाइगेज खंडों को जोड़ने में मदद करते हैं। NCBI Bookshelf के इसी अध्याय में पुनर्योगज डीएनए प्रौद्योगिकी को ऐसी तकनीक बताया गया है, जिसने वैज्ञानिकों को किसी भी प्रकार की कोशिका से आए अलग-अलग जीनों को अलग करने, उनका क्रम जानने और उन्हें बदलने-संभालने की क्षमता दी। इसलिए विकल्प B सही है: प्रक्रिया का केंद्र अलग स्रोतों के डीएनए अणुओं का संयोजन है, जिससे अनुसंधान, चिकित्सा और कृषि में उपयोगी नए संयोजन बनते हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) हानिकारक डीएनए अनुक्रमों को नष्ट करना इस तकनीक की परिभाषा नहीं है, क्योंकि पुनर्योगज डीएनए में डीएनए खंडों को काटकर जोड़ने और नया संयोजन बनाने पर जोर होता है।
  • (C) बिना संशोधन के डीएनए की प्रतिलिपि बनाना PCR से जुड़ा विचार है, जबकि पुनर्योगज डीएनए में अलग स्रोतों के डीएनए खंडों का संयोजन शामिल होता है।
  • (D) एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफी डीएनए जैसी संरचनाओं के अध्ययन की विधि है, पर पुनर्योगज डीएनए प्रौद्योगिकी का लक्ष्य डीएनए खंडों को जोड़कर नया आनुवंशिक संयोजन बनाना है।

अवधारणा

यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में जैव-प्रौद्योगिकी और आनुवंशिक अभियंत्रण की मूल समझ जांचता है। RAS में यह अवधारणा बार-बार आती है, क्योंकि विकल्प अक्सर PCR, संरचना-अध्ययन और पुनर्योगज डीएनए जैसी निकट लेकिन अलग प्रक्रियाओं को मिलाकर पूछते हैं।

स्रोत

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