RAS प्रश्न
भारत में रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) प्रणाली किसका निपटान करती है:
सही उत्तर: (A) वास्तविक समय में, प्रत्येक लेन-देन के आधार पर उच्च-मूल्य धनराशि का हस्तांतरण।
भारत में RTGS प्रणाली उच्च-मूल्य निधि हस्तांतरणों को वास्तविक समय में, प्रत्येक लेनदेन के आधार पर अलग-अलग निपटाती है।
व्याख्या
RTGS का अर्थ है रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट: इसमें निधि हस्तांतरण के निर्देश मिलते ही उनका निपटान वास्तविक समय में किया जाता है और हर लेनदेन को अलग-अलग, सकल आधार पर निपटाया जाता है, यानी नेटिंग नहीं होती। RBI के FAQ के अनुसार RTGS मुख्य रूप से बड़े मूल्य के लेनदेन के लिए है; इसमें न्यूनतम भेजी जाने वाली राशि ₹2,00,000 है और RBI ने कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की है। 14 दिसंबर 2020 से RTGS 24x7x365 उपलब्ध है। RTGS की सही पहचान उच्च-मूल्य निधि हस्तांतरण, वास्तविक समय और व्यक्तिगत लेनदेन-आधार का संयुक्त संकेत है, न कि बैच या केवल छोटे भुगतान।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) RTGS साप्ताहिक बैच में निपटान नहीं करता; RBI के अनुसार इसमें लेनदेन पूरे दिन लगातार, लेनदेन-दर-लेनदेन आधार पर संसाधित होते हैं।
- (C) RTGS को केवल अंतर्राष्ट्रीय हस्तांतरणों तक सीमित बताना गलत है, क्योंकि RBI FAQ इसे निधि हस्तांतरण प्रणाली के रूप में समझाता है और RTGS-सक्षम भारतीय बैंक शाखाओं के माध्यम से उपयोग की बात करता है।
- (D) RTGS केवल छोटे भुगतानों के लिए नहीं है; RBI स्पष्ट करता है कि यह मुख्य रूप से बड़े मूल्य के लेनदेन के लिए है और न्यूनतम राशि ₹2,00,000 है।
अवधारणा
भुगतान प्रणालियों में RTGS, NEFT और खुदरा भुगतान का अंतर महत्वपूर्ण है। RAS में बैंकिंग और वित्तीय समावेशन से जुड़े ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी, दोनों हिस्सों को जोड़ते हैं।
