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RAS प्रश्न

क्वांटम एंटैंगलमेंट, जिसे आइंस्टीन ने 'दूरी पर डरावनी क्रिया' कहा था, का अर्थ है:

सही उत्तर: (D) दो कण इस तरह सहसंबद्ध हो जाते हैं कि दूरी कितनी भी हो, एक का मापन तुरंत दूसरे की स्थिति तय कर देता है।

क्वांटम उलझाव में दो कण ऐसी साझा क्वांटम अवस्था में होते हैं कि एक कण का मापन दूसरे की अवस्था तुरंत निर्धारित कर देता है, चाहे दोनों के बीच दूरी कितनी भी हो।

  1. (A)

    कण भौतिक रूप से स्पर्श करते हैं

  2. (B)

    कणों का नष्ट होना

  3. (C)

    कणों का प्रकाश से तेज चलना

  4. (D)

    दो कण इस तरह सहसंबद्ध हो जाते हैं कि दूरी कितनी भी हो, एक का मापन तुरंत दूसरे की स्थिति तय कर देता है

व्याख्या

क्वांटम उलझाव का मूल अर्थ भौतिक स्पर्श नहीं, बल्कि साझा क्वांटम अवस्था है। NASA के अनुसार एक ही मूल से जुड़े कण अलग होकर समय और स्थान में दूर चले जाएं, तब भी वे केवल सामान्य बंधन में नहीं रहते; वे अपनी अलग शुरुआती अवस्थाएं छोड़कर एक संयुक्त क्वांटम अवस्था बनाए रखते हैं। इसलिए एक उलझे हुए कण पर मापन या परिवर्तन दूसरे कण की अवस्था से तुरंत जुड़ जाता है। इसी अजीब संबंध को आइंस्टीन ने दूरी पर डरावनी क्रिया कहा था, क्योंकि यह विशेष सापेक्षता के उस विचार से टकराता हुआ दिखता है कि प्रकाश से तेज कुछ नहीं जाता। RAS के लिए महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि इससे प्रकाश से तेज संचार नहीं मिलता, लेकिन यही सिद्धांत क्वांटम कूटलेखन, क्वांटम टेलीपोर्टेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग का आधार है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) कणों का भौतिक स्पर्श जरूरी नहीं है, क्योंकि एक ही मूल से जुड़े कण अलग होकर दूर जाने के बाद भी साझा क्वांटम अवस्था बनाए रखते हैं।
  • (B) उलझाव कणों के नष्ट होने की प्रक्रिया नहीं है; इसमें दो कणों की अवस्थाएं आपस में सहसंबंधित रहती हैं।
  • (C) उलझाव प्रकाश से तेज संचार की अनुमति नहीं देता, भले ही मापन का संबंध तुरंत दिखे।

अवधारणा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में क्वांटम भौतिकी के मूल विचार, खासकर मापन और सहसंबंध, RAS के लिए महत्वपूर्ण हैं। आधुनिक तकनीक में क्वांटम कूटलेखन, टेलीपोर्टेशन और कंप्यूटिंग जैसे अनुप्रयोग इसी आधार से समझे जाते हैं।

स्रोत

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