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RAS प्रश्न

आइंस्टीन द्वारा स्पष्ट किए गए प्रकाश-विद्युत प्रभाव से सिद्ध हुआ कि प्रकाश में है:

सही उत्तर: (C) कण प्रकृति (फोटॉन)।

आइंस्टीन द्वारा समझाए गए प्रकाश-विद्युत प्रभाव ने दिखाया कि प्रकाश में कण प्रकृति होती है, यानी वह फोटॉन के रूप में ऊर्जा देता है।

  1. (A)

    न तरंग प्रकृति, न कण प्रकृति

  2. (B)

    केवल तरंग प्रकृति

  3. (C)

    कण प्रकृति (फोटॉन)

  4. (D)

    केवल चुंबकीय प्रकृति

व्याख्या

आइंस्टीन ने 1905 में प्रकाश-विद्युत प्रभाव को इस आधार पर समझाया कि प्रकाश की ऊर्जा लगातार फैली हुई नहीं, बल्कि छोटे-छोटे असतत पैकेटों के रूप में आती है। इन्हीं पैकेटों को फोटॉन कहा जाता है और उनकी ऊर्जा प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करती है। इसलिए इस प्रभाव ने प्रकाश की कण प्रकृति को मजबूत प्रमाण दिया। एनसीईआरटी के भौतिकी पाठ्यक्रम में भी प्रकाश-विद्युत प्रभाव, हर्ट्ज और लेनार्ड के अवलोकन, आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण और प्रकाश की कण प्रकृति को साथ पढ़ाया गया है। यह बात प्रकाश की तरंग प्रकृति को नकारती नहीं, बल्कि उसके साथ कण-स्वभाव को जोड़ती है। इसी कार्य के लिए आइंस्टीन को 1921 का भौतिकी नोबेल पुरस्कार मिला।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) प्रकाश-विद्युत प्रभाव ने प्रकाश को न तो तरंग न कण मानने के बजाय उसके कण-स्वभाव का प्रमाण दिया।
  • (B) केवल तरंग प्रकृति से प्रकाश-विद्युत प्रभाव की आइंस्टीन वाली व्याख्या नहीं बनती, क्योंकि उसमें ऊर्जा असतत फोटॉन पैकेटों में मानी गई है।
  • (D) इस प्रभाव की मुख्य बात प्रकाश की चुंबकीय प्रकृति नहीं, बल्कि फोटॉन के रूप में उसकी कण प्रकृति है।

अवधारणा

यह प्रश्न आधुनिक भौतिकी में प्रकाश के द्वैत स्वभाव और प्रकाश-विद्युत प्रभाव की बुनियादी समझ जांचता है। आरएएस में यह इसलिए उपयोगी है क्योंकि एक ही उदाहरण से प्रकाश की तरंग प्रकृति और कण प्रकृति के संबंध को जांचा जा सकता है।

स्रोत

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