RAS प्रश्न
ऑप्टिकल फाइबर संचार किस सिद्धांत का उपयोग करता है?
सही उत्तर: (A) पूर्ण आंतरिक परावर्तन।
ऑप्टिकल फाइबर संचार में प्रकाश संकेतों को लंबी दूरी तक भेजने के लिए पूर्ण आंतरिक परावर्तन का उपयोग होता है।
व्याख्या
ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश संकेत उच्च अपवर्तनांक वाले कोर में प्रवेश करते हैं और कोर-क्लैडिंग सीमा से बार-बार परावर्तित होकर आगे बढ़ते हैं। CBSE के भौतिकी सैंपल पेपर में ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश का प्रसार कोर-क्लैडिंग सीमा पर होने वाले पूर्ण आंतरिक परावर्तन से होता है। इसी सिद्धांत से प्रकाश फाइबर के भीतर सीमित रहता है, इसलिए संकेत लंबी दूरी तक न्यूनतम हानि के साथ जा पाते हैं। इसके व्यावहारिक लाभ उच्च बैंडविड्थ, कम हानि और विद्युत-चुंबकीय हस्तक्षेप से मुक्त संचार हैं। इसलिए सही सिद्धांत केवल सामान्य अपवर्तन नहीं, बल्कि पूर्ण आंतरिक परावर्तन है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) केवल अपवर्तन प्रकाश को फाइबर के भीतर सीमित नहीं रखता, जबकि ऑप्टिकल फाइबर में संकेत कोर-क्लैडिंग सीमा पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन से आगे बढ़ता है।
- (C) विवर्तन प्रकाश के फैलने से जुड़ा है, जबकि प्रकाश संकेतों को फाइबर के भीतर बनाए रखकर लंबी दूरी तक भेजने की प्रक्रिया पूर्ण आंतरिक परावर्तन से होती है।
- (D) ध्रुवीकरण प्रकाश तरंग की दिशा से जुड़ा है, लेकिन ऑप्टिकल फाइबर संचार का आधार कोर-क्लैडिंग सीमा पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन है।
अवधारणा
किरण प्रकाशिकी और संचार तकनीक में ऑप्टिकल फाइबर का मूल सिद्धांत पूर्ण आंतरिक परावर्तन है। RAS में ऐसे अनुप्रयोग-आधारित विज्ञान प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि वे सिद्धांत और रोजमर्रा की तकनीक को जोड़ते हैं।
