RAS प्रश्न
परमाणु चुंबकीय अनुनाद (NMR) स्पेक्ट्रोस्कोपी किसके गुण पर आधारित है?
सही उत्तर: (C) चुंबकीय क्षेत्र में परमाणु स्पिन।
परमाणु चुंबकीय अनुनाद स्पेक्ट्रोस्कोपी चुंबकीय क्षेत्र में रखे गए गैर-शून्य स्पिन वाले नाभिकों के गुण पर आधारित है।
व्याख्या
परमाणु चुंबकीय अनुनाद में संकेत इलेक्ट्रॉन या अणु के कंपन से नहीं, नाभिकीय स्पिन से आता है। गैर-शून्य स्पिन वाले नाभिक बाहरी चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर रेडियो आवृत्ति विकिरण से अनुनादी प्रतिक्रिया देते हैं। इसी कारण हाइड्रोजन-1 और कार्बन-13 जैसे नाभिक इस तकनीक में उपयोगी होते हैं। परमाणु चुंबकीय अनुनाद स्पेक्ट्रोस्कोपी रासायनिक संरचना, त्रिविम संरचना और गतिशीलता जानने की परमाणु-स्तर की विधि है। इसका सही आधार “चुंबकीय क्षेत्र में परमाणु स्पिन” है; चिकित्सा में इसी सिद्धांत का उपयोग नैदानिक चित्रण में होता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) इलेक्ट्रॉन उत्तेजन पराबैंगनी-दृश्य स्पेक्ट्रोस्कोपी से जुड़ा है, जबकि परमाणु चुंबकीय अनुनाद में संकेत नाभिकीय स्पिन की चुंबकीय क्षेत्र में अनुनादी प्रतिक्रिया से मिलता है।
- (B) आणविक कंपन अवरक्त स्पेक्ट्रोस्कोपी का आधार है; परमाणु चुंबकीय अनुनाद में केंद्र गैर-शून्य स्पिन वाले नाभिक होते हैं।
- (D) इलेक्ट्रॉन स्पिन इलेक्ट्रॉन स्पिन अनुनाद से जुड़ा है, जबकि इस तकनीक में माप नाभिकीय स्पिन अवस्थाओं के बीच संक्रमण पर आधारित है।
अवधारणा
स्पेक्ट्रोस्कोपी की मूल कार्यविधि में अलग-अलग संकेत-स्रोतों की पहचान जरूरी होती है। RAS में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के ऐसे प्रश्न इसलिए दोहराए जाते हैं क्योंकि वे उपकरण, सिद्धांत और अनुप्रयोग को एक साथ जोड़ते हैं।
