Aspirant Academy

RAS प्रश्न

मंगल ऑर्बिटर मिशन (मंगलयान) के बाद भारत मंगल की कक्षा में पहुंचने वाला पहला एशियाई देश बना। इसकी प्राथमिक प्रणोदन प्रणाली है:

सही उत्तर: (A) 440N लिक्विड एपोजी मोटर।

मंगल ऑर्बिटर मिशन में प्रक्षेपवक्र सुधार और मंगल कक्षा प्रवेश के लिए 440N लिक्विड एपोजी मोटर प्राथमिक प्रणोदन प्रणाली थी।

  1. (A)

    440N लिक्विड एपोजी मोटर

  2. (B)

    आयन प्रणोदन

  3. (C)

    परमाणु थर्मल प्रणोदन

  4. (D)

    ठोस रॉकेट मोटर

व्याख्या

मंगल ऑर्बिटर मिशन का मुख्य प्रणोदन बिंदु 440N लिक्विड एपोजी मोटर है, क्योंकि इसी से अंतरिक्षयान के रास्ते में जरूरी सुधार और अंतिम मंगल कक्षा प्रवेश कराया गया। ISRO की चित्रित पुस्तिका भी बताती है कि ऐसे रोबोटिक अंतरिक्षयान को अपना रास्ता बदलने या खुद को फिर से सही दिशा में रखने के लिए रॉकेट शक्ति चाहिए। इसलिए यहां उत्तर किसी सामान्य प्रक्षेपण-वाहन मोटर का नहीं, बल्कि अंतरिक्षयान पर लगी प्रणोदन प्रणाली का है। यही मिशन 5 नवंबर 2013 को PSLV-C25 से प्रक्षेपित हुआ, इसकी लागत 450 करोड़ रुपये बताई गई, और इसमें मार्स कलर कैमरा तथा मीथेन सेंसर सहित 5 पेलोड थे।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) आयन प्रणोदन MOM में इस्तेमाल नहीं हुआ; प्रश्न अंतरिक्षयान के प्रक्षेपवक्र सुधार और मंगल कक्षा प्रवेश वाली प्रणाली पूछ रहा है।
  • (C) परमाणु थर्मल प्रणोदन ISRO के इस मिशन की प्रणोदन प्रणाली नहीं था, इसलिए इसे MOM के कक्षा प्रवेश से जोड़ना गलत है।
  • (D) ठोस रॉकेट मोटर PSLV प्रक्षेपण-वाहन के संदर्भ में आती है, जबकि प्रश्न मंगलयान अंतरिक्षयान की अपनी प्राथमिक प्रणोदन प्रणाली पर है।

अवधारणा

यह प्रश्न अंतरिक्ष मिशन तकनीक में प्रक्षेपण-वाहन और अंतरिक्षयान की अपनी प्रणोदन प्रणाली के फर्क को जांचता है। RAS में ISRO मिशनों पर ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि विज्ञान-प्रौद्योगिकी में उपलब्धि और तकनीकी घटक दोनों पूछे जाते हैं।

स्रोत

संबंधित प्रश्न