RAS प्रश्न
मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) की लागत लगभग कितनी थी?
सही उत्तर: (C) 7.4 करोड़ डॉलर।
मंगलयान यानी मार्स ऑर्बिटर मिशन की लागत लगभग ₹450 करोड़ थी, जो करीब 7.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर के बराबर है।
व्याख्या
मंगलयान की लागत का आधिकारिक आधार ₹450 करोड़ है। ISRO के अनुसार भारत का पहला अंतरग्रहीय मंगल मिशन पहले प्रयास में सफल हुआ और इसकी लागत ₹450 करोड़ रही। इसी राशि का डॉलर अनुमान करीब 7.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर बैठता है। सही लागत किसी बड़े विदेशी मिशन की लागत से नहीं, ISRO के प्रकाशित खर्च और उसके डॉलर रूपांतरण से तय होती है। इसी कारण मंगलयान को अब तक का सबसे सस्ता मंगल मिशन माना गया है। NASA के MAVEN मिशन और फिल्म Gravity की लागत से तुलना करने पर भी साफ होता है कि ISRO ने जटिल अंतरिक्ष मिशन सीमित बजट में पूरा किया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर मंगलयान की लगभग 7.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर लागत से बहुत ऊपर है, इसलिए यह ISRO के ₹450 करोड़ आंकड़े से मेल नहीं खाता।
- (B) 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर भी मंगलयान के प्रकाशित लगभग 7.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च से अधिक है, इसलिए यह सही लागत नहीं हो सकती।
- (D) 75 करोड़ अमेरिकी डॉलर मंगलयान की लागत नहीं है; विकल्प-कारण में इसे NASA के MAVEN मिशन से जोड़ा गया है, जबकि मंगलयान का आधार-आंकड़ा ₹450 करोड़ है।
अवधारणा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम और ISRO की कम खर्च में मिशन पूरा करने की क्षमता RAS के लिए महत्त्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे संस्था, उपलब्धि और तुलनात्मक लागत को एक साथ जोड़ते हैं।
