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RAS प्रश्न

इसरो ने अप्रैल 2026 में गगनयान का दूसरा एकीकृत एयर ड्रॉप परीक्षण, आईएडीटी-02, सफलतापूर्वक किया। इस परीक्षण में प्रयुक्त सिम्युलेटेड क्रू मॉड्यूल का भार कितना था?

सही उत्तर: (B) 5.7 टन।

गगनयान के IADT-02 परीक्षण में प्रयुक्त सिम्युलेटेड क्रू मॉड्यूल का भार लगभग 5.7 टन था।

  1. (A)

    4.5 टन

  2. (B)

    5.7 टन

  3. (C)

    6.2 टन

  4. (D)

    3.8 टन

व्याख्या

ISRO के अनुसार गगनयान मिशन का दूसरा एकीकृत एयर ड्रॉप परीक्षण, IADT-02, 10 अप्रैल 2026 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा में सफलतापूर्वक किया गया। इस परीक्षण में लगभग 5.7 टन भार वाला सिम्युलेटेड क्रू मॉड्यूल इस्तेमाल हुआ, जिसे पहले मानवरहित गगनयान मिशन G1 के क्रू मॉड्यूल के द्रव्यमान के बराबर बताया गया। परीक्षण का उद्देश्य क्रू मॉड्यूल की पैराशूट-आधारित मंदन प्रणाली को परखना था। उतरते समय चार प्रकार के 10 पैराशूट क्रम से खुले और गति को सुरक्षित टचडाउन के लिए घटाया। इसके बाद भारतीय नौसेना के समन्वय से मॉड्यूल की रिकवरी हुई। इसलिए दिए गए विकल्पों में 5.7 टन ही सही भार है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) 4.5 टन गलत है, क्योंकि ISRO ने IADT-02 में प्रयुक्त सिम्युलेटेड क्रू मॉड्यूल का भार लगभग 5.7 टन बताया है।
  • (C) 6.2 टन गलत है, क्योंकि स्रोत में मॉड्यूल को G1 क्रू मॉड्यूल के द्रव्यमान के बराबर लगभग 5.7 टन का बताया गया है।
  • (D) 3.8 टन गलत है, क्योंकि IADT-02 में इस्तेमाल मॉड्यूल का दर्ज भार इससे अधिक, लगभग 5.7 टन था।

अवधारणा

यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, खासकर गगनयान के परीक्षण चरणों की तथ्यात्मक समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए दोहरते हैं क्योंकि ISRO मिशन राष्ट्रीय तकनीकी उपलब्धियों और समसामयिक घटनाओं दोनों से जुड़े रहते हैं।

स्रोत

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