RAS प्रश्न
इन्साकॉग, भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स संघ, की स्थापना किस उद्देश्य से की गई थी?
सही उत्तर: (C) SARS-CoV-2 वेरिएंट की जीनोमिक निगरानी के लिए।
इन्साकॉग की स्थापना SARS-CoV-2 वेरिएंट की जीनोमिक निगरानी के लिए की गई थी, ताकि संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण से वायरस में हो रहे जीनोमिक बदलावों को पहचाना और ट्रैक किया जा सके।
व्याख्या
इन्साकॉग का उद्देश्य ऑक्सीजन, टीका या प्रशिक्षण चलाना नहीं था, बल्कि SARS-CoV-2 में हो रहे जीनोमिक बदलावों पर निगरानी रखना था। PIB के अनुसार, भारत सरकार ने UK से आए नए वेरिएंट के संदर्भ में बढ़ी हुई जीनोमिक निगरानी को जरूरी माना। RT-PCR में पॉजिटिव मिले नमूनों को 10 सरकारी इन्साकॉग प्रयोगशालाओं में जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाना था। इन्साकॉग प्रयोगशालाओं का नेटवर्क संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के जरिए SARS-CoV-2 की जीनोमिक विविधताओं और चिंता वाले वेरिएंट को ट्रैक करने के लिए बनाया गया था। इसलिए सही उद्देश्य SARS-CoV-2 वेरिएंट की जीनोमिक निगरानी है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) ऑक्सीजन सिलेंडर वितरण महामारी-प्रबंधन का अलग काम था; इन्साकॉग नमूनों के जीनोम अनुक्रमण और जीनोमिक निगरानी से जुड़ा था।
- (B) टीका बनाना इन्साकॉग का उद्देश्य नहीं था, क्योंकि इसकी भूमिका SARS-CoV-2 नमूनों में जीनोमिक बदलावों और वेरिएंट की निगरानी करना थी।
- (D) स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण अलग कार्यक्रमों का विषय है; इन्साकॉग की भूमिका पॉजिटिव नमूनों को प्रयोगशालाओं में भेजकर जीनोम अनुक्रमण कराने से जुड़ी थी।
अवधारणा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी और जीनोमिक्स का उपयोग शासन से सीधे जुड़ता है। RAS में यह अवधारणा इसलिए आती है क्योंकि महामारी-प्रबंधन में संस्थागत व्यवस्था और तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
