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RAS प्रश्न

भारत के त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की परिकल्पना किसने की थी?

सही उत्तर: (A) होमी जहाँगीर भाभा।

भारत का त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम डॉ. होमी जहाँगीर भाभा ने सीमित यूरेनियम और विशाल थोरियम भंडारों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए तैयार किया था।

  1. (A)

    होमी जहाँगीर भाभा

  2. (B)

    ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

  3. (C)

    विक्रम साराभाई

  4. (D)

    सी.वी. रमन

व्याख्या

NPCIL FAQ के अनुसार भारत में परमाणु ऊर्जा की जरूरत को शुरू से ही लंबी अवधि की रणनीति के रूप में देखा गया और डॉ. होमी भाभा द्वारा तैयार कार्यक्रम ने 3 चरणों का रास्ता अपनाया। इसमें दाबित भारी जल रिएक्टर और तीव्र प्रजनक रिएक्टर के ईंधन-चक्र को जोड़ा गया, ताकि सीमित यूरेनियम और विशाल थोरियम भंडारों का विवेकपूर्ण उपयोग हो सके। पहले चरण में प्राकृतिक यूरेनियम वाले दाबित भारी जल रिएक्टरों से निकले प्रयुक्त ईंधन को फिर संसाधित कर प्लूटोनियम प्राप्त किया जाता है। दूसरे चरण में उसी प्लूटोनियम से तीव्र प्रजनक रिएक्टर चलते हैं और थोरियम से U-233 बनाते हैं। तीसरे चरण में U-233/थोरियम ईंधन वाले रिएक्टर आते हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का संबंध मिसाइल और रक्षा तकनीक से था, जबकि त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की परिकल्पना डॉ. होमी जहाँगीर भाभा से जुड़ी है।
  • (C) विक्रम साराभाई भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं, इसलिए वे त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के निर्माता नहीं हैं।
  • (D) सी.वी. रमन रमन प्रभाव के लिए प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी थे; परमाणु ऊर्जा नीति या 3 चरणों वाले कार्यक्रम की परिकल्पना उनसे संबंधित नहीं थी।

अवधारणा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत की परमाणु ऊर्जा नीति और स्वदेशी ईंधन-चक्र रणनीति का संबंध डॉ. होमी जहाँगीर भाभा से जुड़ता है। RAS में ऐसे तथ्य वैज्ञानिक व्यक्तित्वों और राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संबंध को परखते हैं।

स्रोत

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