RAS प्रश्न
भारत का लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) कितने द्रव्यमान वाले उपग्रहों को निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित कर सकता है?
सही उत्तर: (D) 500 किग्रा तक।
भारत का लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान SSLV 500 किमी की निम्न पृथ्वी कक्षा में 500 किग्रा तक के उपग्रह को स्थापित कर सकता है।
व्याख्या
SSLV का सही पेलोड मान 500 किग्रा तक है, क्योंकि ISRO के अनुसार यह 500 किमी की कक्षा में एकल उपग्रह को 500 किग्रा तक स्थापित कर सकता है। इसी कारण विकल्प D सही है। 500 किमी निम्न पृथ्वी कक्षा के लिए SSLV की क्षमता 500 किग्रा तक है, जबकि सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा के लिए क्षमता 300 किग्रा तक है। SSLV छोटे उपग्रहों के लिए बनाया गया प्रक्षेपण यान है और इसकी संरचना तीन ठोस प्रणोदन चरणों तथा अंतिम चरण के रूप में तरल-ईंधन आधारित वेलोसिटी ट्रिमिंग मॉड्यूल (VTM) पर आधारित है। इसलिए SSLV की निम्न पृथ्वी कक्षा वाली क्षमता को PSLV जैसी बड़ी क्षमता से नहीं मिलाना चाहिए।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 100 किग्रा तक कहना क्षमता को बहुत कम दिखाता है, क्योंकि SSLV 500 किमी की निम्न पृथ्वी कक्षा में 500 किग्रा तक उपग्रह ले जा सकता है।
- (B) 2000 किग्रा तक की क्षमता SSLV के लिए नहीं है; यह PSLV-स्तर की बड़ी क्षमता से जुड़ा भ्रामक विकल्प है।
- (C) 1000 किग्रा SSLV की 500 किग्रा क्षमता से अधिक है, इसलिए यह निम्न पृथ्वी कक्षा के लिए सही सीमा नहीं हो सकती।
अवधारणा
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारतीय प्रक्षेपण यानों और उनकी पेलोड क्षमता की मूल समझ जरूरी है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं, क्योंकि ISRO की स्वदेशी प्रक्षेपण क्षमता विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समसामयिक और स्थिर दोनों हिस्सों से जुड़ती है।
