RAS प्रश्न
IUCN 2025 में शुरू किए गए भारत के राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप का लक्ष्य 2030 तक लगभग कितनी प्रजातियों के विलुप्त होने के जोखिम का आकलन करना है?
सही उत्तर: (C) 11,000।
भारत के राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप और विजन 2025-2030 का लक्ष्य 2030 तक लगभग 11,000 प्रजातियों के विलुप्त होने के जोखिम का आकलन करना है।
व्याख्या
यह रोडमैप भारत की वनस्पति और जीवों के राष्ट्रीय रेड लिस्ट आकलन से जुड़ा है। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार 2025-2030 की इस पहल में 2030 तक लगभग 11,000 प्राथमिकता वाली प्रजातियों के विलुप्त होने के जोखिम का आकलन करना है। इनमें 7,000 वनस्पति और 4,000 जीव प्रजातियां शामिल हैं। बात केवल संख्या याद करने की नहीं है: रेड लिस्ट आकलन किसी प्रजाति की स्थिति और जोखिम को व्यवस्थित ढंग से दर्ज करता है, ताकि संरक्षण योजना और निर्णय उसी प्रमाणित आकलन पर टिकें। इसलिए 11,000 यहां कुल लक्ष्य है, जबकि 7,000 और 4,000 उसके भीतर वनस्पति और जीवों का विभाजन बताते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 5,000 बहुत कम संख्या है, क्योंकि दस्तावेज में पहले चरण के लिए 7,000 वनस्पति प्रजातियां ही बताई गई हैं और कुल लक्ष्य इससे अधिक है।
- (B) 8,000 सही नहीं है, क्योंकि आधिकारिक लक्ष्य 7,000 वनस्पति और 4,000 जीव प्रजातियों को मिलाकर लगभग 11,000 प्रजातियों का है।
- (D) 15,000 दस्तावेज में दिए लक्ष्य से अधिक है; रोडमैप में 2030 तक लगभग 11,000 प्रजातियों के आकलन की बात है।
अवधारणा
यह प्रश्न पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण में रेड लिस्ट आकलन, प्रजाति-जोखिम और संरक्षण-योजना के संबंध को जांचता है। आरएएस में ऐसे तथ्य इसलिए आते हैं क्योंकि राष्ट्रीय संस्थागत पहलें सीधे पर्यावरण नीति और संरक्षण प्राथमिकताओं से जुड़ती हैं।
