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RAS प्रश्न

भारत की ITER में भागीदारी किससे संबंधित है?

सही उत्तर: (C) संलयन ऊर्जा के लिए अंतर्राष्ट्रीय ताप-नाभिकीय प्रायोगिक रिएक्टर।

भारत की ITER में भागीदारी संलयन ऊर्जा के लिए अंतर्राष्ट्रीय ताप-नाभिकीय प्रायोगिक रिएक्टर परियोजना में योगदान से संबंधित है।

  1. (A)

    अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं आर्थिक सुधार

  2. (B)

    अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन

  3. (C)

    संलयन ऊर्जा के लिए अंतर्राष्ट्रीय ताप-नाभिकीय प्रायोगिक रिएक्टर

  4. (D)

    अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार विनियमन

व्याख्या

PIB की विज्ञप्ति में ITER आज की सबसे महत्वाकांक्षी संलयन ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है। प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति ने कादाराश स्थित ITER सुविधा का दौरा किया, जहां विश्व के सबसे बड़े टोकामक की असेंबली की प्रगति देखी गई। इसी टोकामक में बर्निंग प्लाज्मा को बनाकर, रोककर और नियंत्रित करके अंततः 500 MW संलयन शक्ति पैदा करने का लक्ष्य है। भारत फ्रांस स्थित International Thermonuclear Experimental Reactor के सात सदस्यों में है और इस संलयन ऊर्जा प्रदर्शन परियोजना के लिए घटक उपलब्ध करा रहा है। इसलिए यहां मुद्दा व्यापार, अंतरिक्ष स्टेशन या दूरसंचार नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संलयन ऊर्जा रिएक्टर में भारत का योगदान है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं आर्थिक सुधार ITER के स्वरूप से मेल नहीं खाते, क्योंकि PIB की विज्ञप्ति और ITER की प्रकृति दोनों इसे संलयन ऊर्जा परियोजना से जोड़ते हैं।
  • (B) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन अंतरिक्ष सहयोग से जुड़ा विकल्प है, जबकि ITER फ्रांस स्थित संलयन ऊर्जा परियोजना है।
  • (D) अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार विनियमन गलत है, क्योंकि ITER का विस्तार International Thermonuclear Experimental Reactor है और इसका केंद्र संलयन ऊर्जा है।

अवधारणा

यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में अंतरराष्ट्रीय मेगा-विज्ञान परियोजनाओं और ऊर्जा तकनीक की समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए दोहराते हैं क्योंकि भारत की वैश्विक तकनीकी भागीदारी और उभरती ऊर्जा प्रणालियां नीति और विज्ञान, दोनों से जुड़ती हैं।

स्रोत

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