RAS प्रश्न
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम के लिए भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन है:
सही उत्तर: (B) सर्वावैक।
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम के लिए भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन सर्वावैक है।
व्याख्या
सर्वावैक को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम के लिए भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित वैक्सीन घोषित किया गया था। यह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित चतुर्संयोजक मानव पैपिलोमा वायरस वैक्सीन है। चतुर्संयोजक होने का मतलब है कि यह मानव पैपिलोमा वायरस के 6, 11, 16 और 18 प्रकारों को लक्ष्य करती है। कैंसर-रोकथाम वाली स्वदेशी वैक्सीन की पहचान सर्वावैक से होती है, सामान्य टीकाकरण कार्यक्रम की किसी अन्य भारतीय वैक्सीन से नहीं। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार गर्भाशय ग्रीवा कैंसर भारत में दूसरा सबसे प्रचलित कैंसर है और मानव पैपिलोमा वायरस के विरुद्ध टीकाकरण इसकी रोकथाम का सबसे आशाजनक उपाय है। इन तथ्यों से सर्वावैक ही गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम के लिए भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन ठहरती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) रोटावैक रोटावायरस से होने वाले दस्त के लिए है, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम वाली मानव पैपिलोमा वायरस वैक्सीन नहीं।
- (C) कोवैक्सीन कोविड-19 के लिए है, इसलिए यह गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की पहली स्वदेशी रोकथाम वैक्सीन नहीं हो सकती।
- (D) टायफाइड कंजुगेट वैक्सीन टायफाइड के लिए है, जबकि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम मानव पैपिलोमा वायरस से जुड़ी वैक्सीन से होती है।
अवधारणा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्वदेशी वैक्सीन विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार की पहचान महत्वपूर्ण रहती है। आरएएस में राष्ट्रीय उपलब्धि, स्वास्थ्य नीति और अनुप्रयुक्त विज्ञान से जुड़े तथ्य अक्सर साथ-साथ परखे जाते हैं।
