RAS प्रश्न
भारत में चाँदीपुरा विषाणु मस्तिष्कशोथ के प्रकोप का कारण बनता है। इसका संचरण किस माध्यम से होता है?
सही उत्तर: (D) सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) के काटने से।
भारत में चाँदीपुरा विषाणु का मुख्य संचरण सैंडफ्लाई, विशेषकर फ्लेबोटोमस, के काटने से माना जाता है।
व्याख्या
चाँदीपुरा विषाणु तीव्र मस्तिष्कशोथ के प्रकोपों से जुड़ा है और बच्चों में इसका असर विशेष रूप से गंभीर बताया गया है। इसका संचरण दूषित जल या हवा से सीधे नहीं होता, बल्कि वाहक के काटने से होता है। WHO के रोग-प्रकोप समाचार में चाँदीपुरा विषाणु सैंडफ्लाई, मच्छर और किलनी जैसे वाहकों से फैलने वाला रोगजनक है, और गुजरात के संदर्भ में फ्लेबोटोमस पापाटासी नाम की सैंडफ्लाई इस रोग की वाहक मानी गई है। इसी कारण इसका मुख्य संचरण सैंडफ्लाई के काटने से माना जाता है, न कि जल, हवा या केवल मच्छर से।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दूषित जल वाला विकल्प गलत है, क्योंकि चाँदीपुरा विषाणु जल-जनित नहीं, वाहक-जनित संक्रमण है।
- (B) वायुजनित बूँदें सही माध्यम नहीं हैं, क्योंकि इसका प्रसार काटने वाले वाहकों से होता है, हवा से सीधे नहीं।
- (C) केवल मच्छर कहना गलत है, क्योंकि मच्छर संभावित वाहकों में है, लेकिन मुख्य और सबसे सटीक वाहक सैंडफ्लाई है।
अवधारणा
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में वाहक-जनित रोगों तथा मस्तिष्कशोथ जैसे सार्वजनिक-स्वास्थ्य विषयों की समझ जरूरी है। RAS में रोग, वाहक और रोकथाम को हालिया प्रकोपों से जोड़कर बार-बार परखा जाता है।
