RAS प्रश्न
भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा सीबीडीसी, यानी डिजिटल रुपया (ई-रुपया), पायलट रूप में किसने शुरू की?
सही उत्तर: (C) भारतीय रिज़र्व बैंक।
भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा, डिजिटल रुपया यानी ई-रुपया, पायलट रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक ने शुरू की।
व्याख्या
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अक्टूबर 2022 की प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि रिज़र्व बैंक डिजिटल रुपया यानी ई-रुपया के पायलट शुरू करेगा। डिजिटल रुपया के थोक रूप, ई-रुपया-थोक, का पहला पायलट 1 नवंबर 2022 से शुरू होना था। खुदरा रूप, ई-रुपया-खुदरा, दिसंबर 2022 में पायलट चरण में आया। इसलिए प्रश्न में पूछी गई केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा कोई प्रतिभूति-बाजार या भुगतान-नेटवर्क परियोजना नहीं, बल्कि भारत के केंद्रीय बैंक की आधिकारिक सीबीडीसी पहल है। इसी कारण सही संस्था भारतीय रिज़र्व बैंक है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) सेबी प्रतिभूति बाजारों का नियामक है; सीबीडीसी और ई-रुपया शुरू करना उसके कार्यक्षेत्र का तथ्य नहीं है।
- (B) SBI पायलट में भाग लेने वाले बैंकों में हो सकता है, लेकिन ई-रुपया पायलट शुरू करने वाली संस्था भारतीय रिज़र्व बैंक थी।
- (D) NPCI यूपीआई जैसे भुगतान ढांचे से जुड़ा है; प्रश्न में पूछी गई सीबीडीसी पहल भारतीय रिज़र्व बैंक की थी।
अवधारणा
यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में डिजिटल भुगतान और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा की मूल संस्था-समझ को परखता है। RAS में ऐसी बातें बार-बार आती हैं क्योंकि तकनीकी पहल को उसके सही नियामक या क्रियान्वयन संस्थान से जोड़ना जरूरी होता है।
