RAS प्रश्न
भारत को अक्सर 'विश्व की फार्मेसी' कहा जाता है, मुख्य रूप से क्योंकि:
सही उत्तर: (B) भारत विश्व में जेनेरिक दवाइयों का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।
भारत को 'विश्व की फार्मेसी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह मात्रा के आधार पर दुनिया में जेनेरिक दवाइयों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
व्याख्या
इस उपाधि का आधार भारत की जेनेरिक दवाइयों में वैश्विक भूमिका है, न कि केवल घरेलू दवा-निर्माण। प्रेस सूचना ब्यूरो के दस्तावेज़ में भारत की स्थिति को सस्ती कीमत और भरोसेमंद गुणवत्ता के मेल से जोड़ा गया है, जिसके कारण भारतीय दवाइयाँ वैश्विक बाजारों में व्यापक रूप से पसंद की जाती हैं। यही दस्तावेज़ बताता है कि भारत जेनेरिक दवाइयों का सबसे बड़ा वैश्विक आपूर्तिकर्ता है और वैश्विक आपूर्ति में उसका हिस्सा लगभग 20% है। भारतीय दवा निर्यात $25 अरब से अधिक है और भारत विश्व के 60% टीकों की भी आपूर्ति करता है। इसलिए सही कारण जेनेरिक दवाइयों का बड़ा उत्पादन और निर्यात है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) भारत को यह नाम दवाइयाँ आयात करने के कारण नहीं मिला, क्योंकि प्रेस सूचना ब्यूरो का दस्तावेज़ भारत को दवाइयों, खासकर जेनेरिक दवाइयों, का बड़ा आपूर्तिकर्ता बताता है।
- (C) प्रति व्यक्ति दवा-खपत इस उपाधि का आधार नहीं है; आधार वैश्विक बाजार में भारत की जेनेरिक दवा आपूर्ति और निर्यात की भूमिका है।
- (D) भारत केवल ब्रांडेड दवाइयाँ नहीं बनाता, क्योंकि प्रश्न और स्रोत में उसकी मुख्य मजबूती जेनेरिक दवाइयों की बड़ी वैश्विक आपूर्ति बताई गई है।
अवधारणा
यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीय दवा उद्योग और वैश्विक स्वास्थ्य-आपूर्ति श्रृंखला की भूमिका को परखता है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि इसमें उद्योग, सार्वजनिक स्वास्थ्य, निर्यात और सस्ती दवाइयों की उपलब्धता एक साथ जुड़ते हैं।
