RAS प्रश्न
हाइड्रोजन ईंधन सेल बिजली पैदा करते समय कौन-सा उपोत्पाद बनाते हैं?
सही उत्तर: (A) पानी।
हाइड्रोजन ईंधन सेल बिजली पैदा करते हैं; इस प्रक्रिया में पानी उपोत्पाद के रूप में बनता है और साथ में ऊष्मा भी निकलती है।
व्याख्या
हाइड्रोजन ईंधन सेल ऑक्सीजन के साथ विद्युतरासायनिक अभिक्रिया के ज़रिए हाइड्रोजन की रासायनिक ऊर्जा को बिजली में बदलता है। इस अभिक्रिया को आमतौर पर 2H2 + O2 → 2H2O + बिजली + ऊष्मा के रूप में लिखा जाता है; इसलिए बनने वाला पदार्थ पानी है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने पर बिजली, पानी और ऊष्मा बनते हैं। उपयोग के स्थान पर हाइड्रोजन ईंधन सेल से केवल पानी निकलता है और कोई वायु प्रदूषक नहीं निकलता। इसीलिए कार्बन या सल्फर वाली गैस के बजाय पानी सही उपोत्पाद है। बसों, ट्रकों, फोर्कलिफ्ट, आपातकालीन बिजली आपूर्ति और अंतरिक्ष अभियानों में इसी लाभ का उपयोग होता है: उपयोग के स्थान पर प्रदूषक उत्सर्जन किए बिना काम की बिजली मिलती है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) हाइड्रोजन-ऑक्सीजन ईंधन सेल की अभिक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड नहीं बनती; कार्बन-आधारित गैस के बजाय पानी, बिजली और ऊष्मा बनते हैं।
- (C) सल्फर डाइऑक्साइड बनने के लिए ईंधन या अभिक्रिया में सल्फर होना चाहिए, जबकि हाइड्रोजन ईंधन सेल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिलकर पानी बनाते हैं।
- (D) मीथेन हाइड्रोकार्बन ईंधन है, हाइड्रोजन ईंधन सेल का उपोत्पाद नहीं; इस अभिक्रिया का उत्पाद पानी है।
अवधारणा
यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अंतर्गत स्वच्छ ऊर्जा की बुनियादी समझ परखता है: ईंधन सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में कैसे बदलते हैं। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि हाइड्रोजन ईंधन सेल विद्युतरसायन को परिवहन और बिजली के ऐसे उपयोगों से जोड़ते हैं जिनमें उपयोग के स्थान पर उत्सर्जन नहीं होता।
