RAS प्रश्न
चंद्र रेगोलिथ में पाया जाने वाला हीलियम-3 मुख्यतः किस कारण महत्वपूर्ण माना जाता है?
सही उत्तर: (A) परमाणु संलयन रिएक्टरों के लिए संभावित ईंधन।
चंद्र रेगोलिथ में पाया जाने वाला हीलियम-3 पृथ्वी पर परमाणु संलयन रिएक्टरों के संभावित ईंधन के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है।
व्याख्या
हीलियम-3 चंद्र रेगोलिथ में इसलिए खास है क्योंकि यह चंद्र संसाधन अन्वेषण को सीधे ऊर्जा-प्रौद्योगिकी से जोड़ता है। यह हल्का समस्थानिक सौर पवन से चंद्र रेगोलिथ में जमा होता है। NASA के अनुसार चंद्रमा की संसाधन-समृद्ध मिट्टी, यानी रेगोलिथ, से हीलियम-3 निकालकर उसे पृथ्वी पर परमाणु संलयन रिएक्टरों में ईंधन की तरह उपयोग करने की संभावना है। NASA यह भी बताता है कि वायुरहित चंद्रमा में सौर पवन के लंबे प्रभाव के कारण कम-से-कम 10 लाख टन 3He रेगोलिथ में होने का अनुमान है। इसलिए सही ध्यान निर्माण, भोजन या सांस पर नहीं, बल्कि संलयन-ऊर्जा की संभावित आपूर्ति पर है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) चंद्र आधार निर्माण के लिए सामग्री और तकनीक अलग मुद्दा है; NASA हीलियम-3 को निर्माण-सामग्री नहीं, संलयन ईंधन की संभावना से जोड़ता है।
- (C) खाद्य उत्पादन से हीलियम-3 का कोई संबंध नहीं है; इसका महत्व ऊर्जा-उत्पादन के लिए परमाणु संलयन रिएक्टरों में संभावित ईंधन के रूप में है।
- (D) चंद्रमा पर सांस लेने के लिए हीलियम-3 उपयोगी नहीं है; NASA इसे चंद्र रेगोलिथ से निकासी और पृथ्वी पर संलयन रिएक्टरों में उपयोग से जोड़ता है।
अवधारणा
अंतरिक्ष संसाधन अन्वेषण और ऊर्जा-प्रौद्योगिकी का संगम RAS के लिए महत्वपूर्ण है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में अंतरिक्ष मिशन, संसाधन उपयोग और वैकल्पिक ऊर्जा को जोड़कर ऐसे विषय बार-बार पूछे जाते हैं।
