RAS प्रश्न
GSLV Mk II किस क्रायोजेनिक इंजन का उपयोग करता है?
सही उत्तर: (A) CE-7.5।
जीएसएलवी मार्क-2 अपने तीसरे चरण यानी क्रायोजेनिक ऊपरी चरण में स्वदेशी CE-7.5 क्रायोजेनिक इंजन का उपयोग करता है।
व्याख्या
जीएसएलवी मार्क-2 में तीसरा चरण CUS है, यानी क्रायोजेनिक ऊपरी चरण। ISRO के अनुसार CUS में CE-7.5 भारत का पहला क्रायोजेनिक इंजन है, जिसे तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र ने विकसित किया और यह चरणबद्ध दहन चक्र पर काम करता है। यही कारण है कि विकल्प A सही है। यह इंजन ऊपरी चरण CUS-12 में लगाया जाता है और इसका थ्रस्ट 7.5 टन है। पहले जीएसएलवी उड़ानों में रूसी KVD-1/RD-56 इंजन प्रयुक्त होते थे, लेकिन जनवरी 2014 में GSLV-D5 से स्वदेशी क्रायोजेनिक चरण शामिल हुआ और CE-7.5 की सफल उड़ान दर्ज हुई।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) RD-56 प्रारंभिक जीएसएलवी उड़ानों में रूसी क्रायोजेनिक इंजन के रूप में जुड़ा था, जबकि जीएसएलवी मार्क-2 का स्वदेशी क्रायोजेनिक ऊपरी चरण CE-7.5 से संबंधित है।
- (C) CE-20 जीएसएलवी मार्क-3/LVM3 से संबंधित इंजन है, इसलिए इसे जीएसएलवी मार्क-2 के CUS इंजन के रूप में नहीं चुना जा सकता।
- (D) विकास इंजन जीएसएलवी के दूसरे चरण GS2 और तरल स्ट्रैप-ऑन मोटरों से जुड़ा है, जबकि तीसरे चरण में क्रायोजेनिक इंजन प्रयुक्त होता है।
अवधारणा
भारतीय प्रक्षेपण यानों की चरण-वार प्रणोदन प्रणाली में इंजन और चरण का सही मिलान जरूरी है। RAS में ISRO, स्वदेशी तकनीक और प्रमुख अंतरिक्ष अभियानों से जुड़े तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
