RAS प्रश्न
GSAT-7R (CMS-03), जिसे ISRO ने नवंबर 2025 में LVM3-M5 रॉकेट से प्रक्षेपित किया, किस भारतीय रक्षा सेवा को समर्पित है?
सही उत्तर: (A) भारतीय नौसेना।
GSAT-7R (CMS-03) भारतीय नौसेना के लिए समर्पित अंतरिक्ष-आधारित संचार उपग्रह है।
व्याख्या
GSAT-7R (CMS-03) का सही संबंध भारतीय नौसेना से है। ISRO ने इसे नवंबर 2025 में श्रीहरिकोटा से LVM3-M5 द्वारा प्रक्षेपित किया; यह 4,410 किग्रा का भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह है और GSAT-7 की जगह लेने वाला है। PIB के रक्षा मंत्रालय पेज में इसे भारतीय नौसेना का GSAT-7R (CMS-03) संचार उपग्रह बताया गया है, जो नौसेना के अंतरिक्ष-आधारित संचार और समुद्री क्षेत्र की जागरूकता को मजबूत करेगा। यह हिंद महासागर क्षेत्र में दूरसंचार कवरेज देगा और भारतीय नौसेना के जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों तथा समुद्री अभियान केंद्रों के बीच आवाज, आंकड़ा और वीडियो लिंक को मजबूत करेगा।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) भारतीय वायु सेना सही नहीं है, क्योंकि PIB GSAT-7R को भारतीय नौसेना के अंतरिक्ष-आधारित संचार और समुद्री क्षेत्र की जागरूकता से जोड़ता है।
- (C) भारतीय थल सेना सही नहीं है, क्योंकि इसका उपयोग जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और भारतीय नौसेना के समुद्री अभियान केंद्रों के बीच संचार के लिए है।
- (D) तटरक्षक बल सही नहीं है, क्योंकि आधिकारिक PIB पेज इस उपग्रह को भारतीय नौसेना का GSAT-7R (CMS-03) संचार उपग्रह बताता है।
अवधारणा
रक्षा-संचार उपग्रहों में सेवा-विशेष उपयोगकर्ता की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में अंतरिक्ष तकनीक और रक्षा जरूरतों को जोड़ने वाले ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
