RAS प्रश्न
जीनोम अनुक्रमण बीमारियों को समझने में कैसे मदद करता है?
सही उत्तर: (A) रोगों से जुड़े आनुवंशिक उत्परिवर्तनों की पहचान कर और सटीक चिकित्सा को संभव बनाकर।
जीनोम अनुक्रमण बीमारियों को समझने में रोगों से जुड़े आनुवंशिक उत्परिवर्तनों की पहचान, दवा-प्रतिक्रिया का आकलन और सटीक चिकित्सा संभव बनाकर मदद करता है।
व्याख्या
जीनोम अनुक्रमण पूरे डीएनए अनुक्रम को सामने लाता है, इसलिए बीमारी को केवल लक्षणों से नहीं, उसके आनुवंशिक आधार से समझा जा सकता है। WHO के अनुसार जीनोमिक्स पूरे जीनोम, जीनों के काम और उनके परस्पर संबंधों का अध्ययन है; इसी जानकारी से जटिल रोगों के आनुवंशिक आधार और जीनोटाइप-फीनोटाइप संबंधों की समझ बेहतर हुई है। स्वास्थ्य में इसका उपयोग जोखिम-आकलन, निदान, उपचार-चयन, रोग-निगरानी और दवा-विकास में होता है। इसलिए विकल्प A सही है: रोग पैदा करने वाले उत्परिवर्तन पहचाने जा सकते हैं, दवा-प्रतिक्रिया का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है, कोविड रूपों जैसे रोगजनक विकास पर नजर रखी जा सकती है और सटीक/वैयक्तिक चिकित्सा संभव होती है। भारत के इंडिजेन कार्यक्रम ने 1,029 भारतीय जीनोम का अनुक्रमण किया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) वैक्सीन बनाना अलग जैव-प्रक्रिया है; जीनोम अनुक्रमण बीमारी और रोगजनक की आनुवंशिक जानकारी समझने में मदद करता है, अपने-आप वैक्सीन उत्पन्न नहीं करता।
- (C) जीनोम अनुक्रमण रोगजनकों की पहचान, निगरानी और उनके प्रसार या विकास को समझने में सहायक है, पर यह रोगजनकों को सीधे मारने वाली क्रिया नहीं है।
- (D) क्षतिग्रस्त अंग बदलना प्रत्यारोपण शल्य-चिकित्सा का विषय है; जीनोम अनुक्रमण उपचार-चयन और रोग-समझ में मदद करता है, अंगों को प्रतिस्थापित नहीं करता।
अवधारणा
यह प्रश्न जैव-प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य में जीनोमिक्स के अनुप्रयोग को जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे विज्ञान-तकनीक को सार्वजनिक स्वास्थ्य, रोग-निगरानी और सटीक चिकित्सा से जोड़ते हैं।
