RAS प्रश्न
भारत में डीआरडीओ का व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि संगठन निगरानी स्टेशन किस स्थान पर है?
सही उत्तर: (B) कोई CTBTO स्टेशन नहीं है क्योंकि भारत ने CTBT पर हस्ताक्षर नहीं किए।
भारत में डीआरडीओ का कोई CTBTO निगरानी स्टेशन नहीं है, क्योंकि भारत ने CTBT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
व्याख्या
CTBTO के अनुसार CTBT परमाणु हथियार परीक्षण विस्फोटों पर रोक लगाने वाली संधि है, और उसका सत्यापन ढांचा अंतरराष्ट्रीय निगरानी प्रणाली के जरिए जमीन, समुद्र, वायुमंडल और रेडियोधर्मी कणों से जुड़े संकेतों को पकड़ने के लिए बनाया गया है। CTBTO भारत को उन देशों में रखता है जिन्होंने अभी CTBT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसलिए भारत में डीआरडीओ का CTBTO निगरानी स्टेशन मान लेना ही गलत आधार है। भारत CTBT को भेदभावपूर्ण मानता है, क्योंकि यह मौजूदा परमाणु शक्तियों के शस्त्रागार आधुनिकीकरण, यानी ऊर्ध्वाधर प्रसार, को पर्याप्त रूप से नहीं रोकती। फिर भी भारत परमाणु परीक्षण पर अपनी एकतरफा स्वैच्छिक रोक बनाए रखता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दिल्ली गलत है, क्योंकि सही तथ्य किसी भारतीय शहर में स्टेशन होना नहीं, बल्कि भारत में CTBTO स्टेशन का न होना है।
- (C) पोखरण गलत है, क्योंकि भारत के परमाणु परीक्षणों से जुड़ा नाम होने के बावजूद वह CTBTO निगरानी स्टेशन नहीं बताया जा सकता जब भारत ने CTBT पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं।
- (D) मुंबई गलत है, क्योंकि CTBTO के निगरानी ढांचे में भारत के लिए कोई स्टेशन स्वीकार करना आधिकारिक स्थिति के विपरीत होगा।
अवधारणा
परमाणु नीति, CTBT और CTBTO के सत्यापन ढांचे में भारत की स्थिति विज्ञान-प्रौद्योगिकी, अंतरराष्ट्रीय संबंध और सुरक्षा नीति को एक ही तथ्य में जोड़ती है। RAS में यह संबंध बार-बार उपयोगी होता है।
