RAS प्रश्न
डिजीलॉकर एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है, जो:
सही उत्तर: (C) सरकार द्वारा जारी नागरिकों के डिजिटल दस्तावेज़ों को रखने के लिए क्लाउड-आधारित भंडारण सुविधा देता है।
डिजीलॉकर सरकार द्वारा जारी नागरिकों के डिजिटल दस्तावेज़ों के लिए क्लाउड-आधारित भंडारण, साझा करने और सत्यापन का प्लेटफ़ॉर्म है।
व्याख्या
डिजीलॉकर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत आने वाली प्रमुख पहल है। इसका काम कागज के दस्तावेज़ों को सरकारी गोदामों में रखना नहीं, बल्कि नागरिकों को अपने असली डिजिटल दस्तावेज़ों तक पहुंच देना है। DigiLocker दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों के भंडारण, साझा करने और सत्यापन के लिए सुरक्षित क्लाउड-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है। इसलिए विकल्प C सही है: यहां नागरिक सरकार द्वारा जारी डिजिटल दस्तावेज़ पा सकते हैं, उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उनका सत्यापन करा सकते हैं। यही व्यवस्था कागजी कार्रवाई कम करने के उद्देश्य से जुड़ती है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) डिजीलॉकर भौतिक दस्तावेज़ों को सरकारी गोदामों में रखने की व्यवस्था नहीं है; यह सुरक्षित क्लाउड-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है।
- (B) डिजीलॉकर केवल भूमि अभिलेखों तक सीमित नहीं है; इसका दायरा दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों के डिजिटल भंडारण, साझा करने और सत्यापन तक है।
- (D) डिजीलॉकर क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट नहीं है, बल्कि नागरिकों के डिजिटल दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों से जुड़ा दस्तावेज़ वॉलेट है।
अवधारणा
डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस सेवाओं में ऐसे प्लेटफ़ॉर्म नागरिक सेवाओं के डिजिटल भंडारण, साझा करने और सत्यापन को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। RAS में ऐसे प्लेटफ़ॉर्म बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि वे सरकारी सेवाओं में कागजी प्रक्रिया घटाने और डिजिटल पहुंच बढ़ाने से जुड़े हैं।
