RAS प्रश्न
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन कौन करता है?
सही उत्तर: (A) परिसीमन अधिनियम के तहत गठित एक स्वतंत्र परिसीमन आयोग।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन संसद के परिसीमन अधिनियम के तहत गठित स्वतंत्र परिसीमन आयोग करता है।
व्याख्या
परिसीमन का काम सीधे निर्वाचन आयोग, राष्ट्रपति या संसद के किसी साधारण संकल्प से नहीं होता। भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार संविधान संशोधनों के बाद संसद ने परिसीमन अधिनियम, 2002 बनाया और उसकी धारा 3 के तहत गठित परिसीमन आयोग को लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन से जुड़े काम सौंपे गए। यह आयोग 04.07.2002 से काम करने लगा। आयोग के आदेशों को कानून का बल प्राप्त होता है और उन्हें किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। इसलिए संस्थागत उत्तर “स्वतंत्र परिसीमन आयोग” है, न कि कोई सामान्य चुनाव-प्रशासनिक निकाय।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) निर्वाचन आयोग इस प्रक्रिया से जुड़ा हो सकता है, लेकिन परिसीमन का काम सीधे निर्वाचन आयोग नहीं करता; यह काम परिसीमन अधिनियम के तहत गठित परिसीमन आयोग करता है।
- (C) परिसीमन अधिनियम, 2002 की धारा 3 के तहत बने आयोग को यह काम सौंपा गया है; प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा परिसीमन करने की बात नहीं है।
- (D) संसद परिसीमन अधिनियम बनाती है, लेकिन निर्वाचन क्षेत्रों का वास्तविक परिसीमन संसद के संकल्प से नहीं, उस अधिनियम के तहत बने परिसीमन आयोग से होता है।
अवधारणा
भारतीय संविधान में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और चुनावी प्रतिनिधित्व की संस्थागत प्रक्रिया में संसद, निर्वाचन आयोग और स्वतंत्र आयोग की भूमिकाओं का सूक्ष्म फर्क RAS में बार-बार पूछा जाता है।
