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RAS प्रश्न

क्रिस्पर-कैस9 प्रौद्योगिकी का उपयोग किस कार्य के लिए किया जाता है?

सही उत्तर: (D) जीन संपादन।

क्रिस्पर-कैस9 प्रौद्योगिकी का उपयोग जीन संपादन के लिए किया जाता है, क्योंकि यह डीएनए अनुक्रमों में सटीक बदलाव कराने वाला जैव-प्रौद्योगिकी उपकरण है।

  1. (A)

    उपग्रह संचार

  2. (B)

    नाभिकीय संलयन

  3. (C)

    क्वांटम कंप्यूटिंग

  4. (D)

    जीन संपादन

व्याख्या

क्रिस्पर-कैस9 का सही उपयोग जीन संपादन है। इस उपकरण से जीवित जीवों के डीएनए अनुक्रमों में सटीक बदलाव किए जा सकते हैं। NCBI Bookshelf के अनुसार, क्रिस्पर जीन-संपादन उपकरण है, जो डीएनए रज्जु को काट सकता है; गाइड आरएनए लक्षित डीएनए अनुक्रम तक क्रिस्पर-संबद्ध न्यूक्लिएज को ले जाता है, जहाँ कट लगाया जाता है। ऐसे बदलाव जीन के कार्य को बदल सकते हैं, किसी जीन को निष्क्रिय बना सकते हैं या किसी कोडिंग अनुक्रम को दूसरे से बदल सकते हैं। इसलिए यह उपग्रह संचार, नाभिकीय संलयन या क्वांटम कंप्यूटिंग का उपकरण नहीं, बल्कि जैव-प्रौद्योगिकी में जीन संपादन की तकनीक है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) उपग्रह संचार अंतरिक्ष और संचार प्रौद्योगिकी का क्षेत्र है, जबकि क्रिस्पर-कैस9 डीएनए अनुक्रमों में बदलाव करने वाला जैविक जीन-संपादन उपकरण है।
  • (B) नाभिकीय संलयन परमाणु नाभिकों से जुड़ी प्रक्रिया है; क्रिस्पर-कैस9 का काम डीएनए को लक्षित कर जीन के कार्य में बदलाव करना है।
  • (C) क्वांटम कंप्यूटिंग गणना की तकनीक है, जबकि क्रिस्पर-कैस9 जीवित जीवों के डीएनए में सटीक संपादन से संबंधित जैव-प्रौद्योगिकी है।

अवधारणा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में जैव-प्रौद्योगिकी और जीन-संपादन की मूल अवधारणा महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसी तकनीकें बार-बार आती हैं क्योंकि परीक्षा में उभरती वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और क्षेत्र की पहचान पूछी जाती है।

स्रोत

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