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RAS प्रश्न

GISAT-1A (EOS-05) उपग्रह के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भूस्थिर कक्षा से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया भू-चित्रण पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है। 2. इसका वजन लगभग 2,100 किलोग्राम है। 3. भूस्थिर स्थिति के कारण आपदा निगरानी के लिए भारतीय उपमहाद्वीप का लगभग निरंतर अवलोकन मिल पाता है। उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?

सही उत्तर: (D) 1, 2 और 3।

GISAT-1A (EOS-05) भूस्थिर कक्षा से काम करने वाला लगभग 2,100 किलोग्राम भार का भू-चित्रण पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह है, जिसकी स्थिति भारतीय उपमहाद्वीप की लगभग निरंतर आपदा निगरानी में मदद करती है।

  1. (A)

    केवल 1 और 2

  2. (B)

    केवल 2 और 3

  3. (C)

    केवल 1 और 3

  4. (D)

    1, 2 और 3

व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। GISAT-1A, जिसे EOS-05 भी कहा जाता है, भूस्थिर कक्षा से काम करने वाला भू-चित्रण पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह है और इसका भार लगभग 2,100 किलोग्राम है। ISRO की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, GISAT भूस्थिर कक्षा में भू-चित्रण उपग्रह है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों और आपदा प्रबंधन के लिए लगभग वास्तविक समय का चित्रण देना है। इसी कारण भूस्थिर स्थिति यहां निर्णायक है: उपग्रह बार-बार उसी क्षेत्र को देख सकता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर बाढ़, चक्रवात और भूस्खलन जैसी आपदाओं की त्वरित निगरानी संभव होती है। इसलिए 1, 2 और 3 तीनों कथन सही हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A में कथन 3 छूट जाता है, जबकि भूस्थिर स्थिति के कारण भारतीय उपमहाद्वीप का लगभग निरंतर अवलोकन और आपदा निगरानी इस उपग्रह की मुख्य उपयोगिता है।
  • (B) B में कथन 1 छूट जाता है, जबकि GISAT-1A भूस्थिर कक्षा से काम करने वाला भू-चित्रण पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह है।
  • (C) C में कथन 2 छूट जाता है, जबकि ISRO की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार इसका भार लगभग 2,100 किलोग्राम है।

अवधारणा

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में पृथ्वी-अवलोकन उपग्रहों और भूस्थिर कक्षा की उपयोगिता प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि आपदा प्रबंधन, संसाधन निगरानी और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम सीधे प्रशासनिक उपयोग से जुड़े हैं।

स्रोत

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