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RAS प्रश्न

आईआईपीए में 15 अप्रैल 2026 के उपराष्ट्रपति के व्याख्यान में उल्लेखित भाषिणी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भाषिणी भारत सरकार का राष्ट्रीय भाषा अनुवाद प्लेटफ़ॉर्म है। 2. भाषिणी का प्रशासन विदेश मंत्रालय करता है। 3. भाषिणी का उपयोग संसदीय दस्तावेजों को कई भारतीय भाषाओं में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

सही उत्तर: (D) केवल 1 और 3।

भाषिणी भारत सरकार का राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित भाषा प्लेटफ़ॉर्म है और संसद में संसदीय दस्तावेजों को कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने से कथन 1 और 3 सही हैं।

  1. (A)

    1, 2 और 3

  2. (B)

    केवल 1 और 2

  3. (C)

    केवल 2 और 3

  4. (D)

    केवल 1 और 3

व्याख्या

आईआईपीए में 15 अप्रैल 2026 के व्याख्यान में उपराष्ट्रपति ने भाषिणी को भारत का राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित भाषा प्लेटफ़ॉर्म बताया और इसे समावेशी शासन तथा भाषाई सशक्तिकरण से जोड़ा। उसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित माध्यमों से संसदीय दस्तावेज अब कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं। इसलिए कथन 1 सही है, क्योंकि भाषिणी राष्ट्रीय भाषा प्लेटफ़ॉर्म है, और कथन 3 सही है, क्योंकि इसका संबंध संसदीय दस्तावेजों को अनेक भारतीय भाषाओं में प्रस्तुत करने से है। कथन 2 गलत है: भाषिणी का प्रशासन इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ा है, विदेश मंत्रालय से नहीं। यही वजह है कि सही संयोजन केवल 1 और 3 है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A में कथन 2 भी शामिल है, जबकि भाषिणी का प्रशासन विदेश मंत्रालय नहीं करता; यह इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ा है।
  • (B) B कथन 3 को छोड़ देता है और कथन 2 को शामिल करता है, जबकि उपराष्ट्रपति के संदर्भ में संसदीय दस्तावेजों को कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की बात सही है।
  • (C) C में कथन 2 गलत रूप में शामिल है और कथन 1 छूट जाता है, जबकि भाषिणी को भारत का राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित भाषा प्लेटफ़ॉर्म बताया गया है।

अवधारणा

यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में डिजिटल शासन और भाषा-प्रौद्योगिकी के सरकारी उपयोग को जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए आते हैं क्योंकि वे मंत्रालय, सरकारी प्लेटफ़ॉर्म और उनके वास्तविक उपयोग को कथन-आधारित ढंग से मिलाकर पूछते हैं।

स्रोत

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