RAS प्रश्न
CAR-T थेरेपी में काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर (CAR) किसे पहचानने के लिए डिज़ाइन किया गया है?
सही उत्तर: (A) कैंसर कोशिकाओं पर पाए जाने वाले विशिष्ट एंटीजन।
CAR-T थेरेपी में CAR कैंसर कोशिकाओं पर मौजूद विशिष्ट एंटीजन को पहचानने के लिए बनाया जाता है।
व्याख्या
CAR-T थेरेपी में रोगी की टी-कोशिकाओं को प्रयोगशाला में बदला जाता है, ताकि वे कैंसर कोशिकाओं पर हमला कर सकें। NCI के अनुसार इन टी-कोशिकाओं में एक विशेष रिसेप्टर का जीन जोड़ा जाता है, जो रोगी की कैंसर कोशिकाओं पर मौजूद किसी निश्चित प्रोटीन से बंधता है; इसी विशेष रिसेप्टर को काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर, यानी CAR, कहा जाता है। इसलिए CAR का काम बैक्टीरिया, वायरस या शरीर की हर कोशिका को पहचानना नहीं, बल्कि कैंसर कोशिका के विशिष्ट लक्ष्य को पहचानना है। दिए गए उदाहरण में बी-कोशिका कैंसरों में CD19 ऐसा लक्ष्य है, और NexCAR19 इसी CD19 को लक्षित करने वाली भारत की पहली स्वदेशी CAR-T थेरेपी है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) केवल बैक्टीरिया कहना गलत है, क्योंकि CAR-T में बदली गई टी-कोशिकाएं कैंसर कोशिकाओं पर मौजूद लक्ष्य से बंधने के लिए बनाई जाती हैं, बैक्टीरियल संक्रमण के लिए नहीं।
- (C) शरीर की सभी कोशिकाएं कहना गलत है, क्योंकि CAR की उपयोगिता उसकी लक्ष्य-विशिष्ट पहचान में है; वह कैंसर कोशिका से जुड़े निश्चित एंटीजन या प्रोटीन को पहचानता है।
- (D) केवल वायरस कहना गलत है, क्योंकि दी गई थेरेपी का संदर्भ कैंसर कोशिकाओं पर हमला कराने वाली टी-कोशिकाओं से है, वायरल संक्रमण को प्राथमिक लक्ष्य बनाने से नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न जैव-प्रौद्योगिकी और कैंसर इम्यूनोथेरेपी में लक्षित उपचार की समझ जांचता है। RAS में ऐसे विषय इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि नई भारतीय चिकित्सा तकनीक, जैसे NexCAR19, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य नीति दोनों से जुड़ती है।
