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RAS प्रश्न

C-DAC (उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र) की स्थापना मुख्य रूप से किस उद्देश्य से की गई थी?

सही उत्तर: (D) अमेरिका द्वारा Cray के निर्यात से इनकार करने के बाद स्वदेशी सुपरकंप्यूटर विकसित करना।

C-DAC की स्थापना 1988 में अमेरिका द्वारा सुपरकंप्यूटर आयात से इनकार के बाद भारत में स्वदेशी सुपरकंप्यूटर विकसित करने के लिए की गई थी।

  1. (A)

    वेबसाइट बनाना

  2. (B)

    सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशिक्षित करना

  3. (C)

    स्मार्टफोन बनाना

  4. (D)

    अमेरिका द्वारा Cray के निर्यात से इनकार करने के बाद स्वदेशी सुपरकंप्यूटर विकसित करना

व्याख्या

C-DAC का गठन सामान्य वेबसाइट बनाने, प्रशिक्षण चलाने या उपभोक्ता उपकरण बनाने के लिए नहीं हुआ था। 1988 में C-DAC की स्थापना अमेरिका द्वारा सुपरकंप्यूटर आयात से इनकार के बाद सुपरकंप्यूटर बनाने के उद्देश्य से हुई। यह प्रसंग Cray XMP सुपरकंप्यूटर से जुड़ा था। डॉ. विजय भाटकर के नेतृत्व में C-DAC ने 1991 में PARAM 8000 विकसित किया, जिससे यह साबित हुआ कि भारत अपनी जरूरत के सुपरकंप्यूटर स्वयं बना सकता है। इसलिए सही उद्देश्य स्वदेशी सुपरकंप्यूटर विकास है, न कि वेबसाइट, प्रशिक्षण या स्मार्टफोन निर्माण।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) वेबसाइट बनाना प्राथमिक उद्देश्य नहीं था, क्योंकि C-DAC की स्थापना सुपरकंप्यूटर बनाने और अमेरिका द्वारा आयात-इनकार की पृष्ठभूमि से जुड़ी थी।
  • (B) सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशिक्षित करना स्थापना का मुख्य कारण नहीं था; शिक्षा और प्रशिक्षण गतिविधियां बाद में विकसित हुईं।
  • (C) स्मार्टफोन बनाना असंगत है, क्योंकि C-DAC की स्थापना स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग क्षमता के लिए हुई थी, उपभोक्ता फोन निर्माण के लिए नहीं।

अवधारणा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में C-DAC भारत की स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता से जुड़ा प्रमुख संस्थान है। RAS में ऐसे संस्थान इसलिए पूछे जाते हैं क्योंकि वे नीति, विज्ञान और राष्ट्रीय क्षमता-निर्माण को जोड़ते हैं।

स्रोत

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