RAS प्रश्न
भारत में बीटी कपास में किसका जीन होता है?
सही उत्तर: (A) बैसिलस थुरिंजिएंसिस (एक जीवाणु)।
भारत में बीटी कपास में बैसिलस थुरिंजिएंसिस नामक मृदा-जीवाणु का क्राई जीन डाला जाता है।
व्याख्या
बीटी कपास का नाम ही बैसिलस थुरिंजिएंसिस से जुड़ा है, जो मृदा में पाया जाने वाला जीवाणु है। बीटी कपास में इसी जीवाणु का क्राई 1 एसी जीन डाला गया था। यह क्राई प्रोटीन बनाता है; कीट की आँत में यह प्रोटीन टूटकर विष छोड़ता है, जिससे कीट मरता है। इसलिए बीटी जीन कपास में डालने का उद्देश्य पौधे को अपना बीटी विष बनाने में सक्षम करना है। यह विष बॉलवर्म लार्वा के लिए विषाक्त होता है और इसी कारण फसल को कीट-प्रतिरोध मिलता है। इसलिए सही स्रोत कोई कवक, दूसरी कपास-किस्म या विषाणु नहीं, बल्कि बैसिलस थुरिंजिएंसिस जीवाणु है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) कवक इसलिए गलत है, क्योंकि बीटी कपास का क्राई जीन बैसिलस थुरिंजिएंसिस जीवाणु से आता है, किसी फफूँद से नहीं।
- (C) कपास की दूसरी किस्म इसलिए गलत है, क्योंकि बीटी कपास बाहरी जीवाणु-जीन वाला ट्रांसजेनिक पौधा है, कपास-से-कपास जीन अंतरण नहीं।
- (D) विषाणु इसलिए गलत है, क्योंकि बीटी जीन बैसिलस थुरिंजिएंसिस नामक जीवाणु से जुड़ा है, किसी वायरस से नहीं।
अवधारणा
जैव-प्रौद्योगिकी में ट्रांसजेनिक फसल और जीन-स्रोत की समझ जरूरी है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं, क्योंकि कृषि, विज्ञान-तकनीक और पर्यावरणीय जैव-सुरक्षा आपस में जुड़े हुए विषय हैं।
