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RAS प्रश्न

बायोसिमिलर जेनेरिक दवाओं से किस प्रकार भिन्न होते हैं?

सही उत्तर: (D) वे जटिल जैविक औषधियों की समान, लेकिन हूबहू प्रतियाँ नहीं होती हैं।

बायोसिमिलर जटिल जैविक औषधियों की अत्यधिक मिलती-जुलती, लेकिन बिल्कुल अभिन्न प्रतियाँ नहीं होती हैं।

  1. (A)

    वे केवल पादप स्रोतों से उत्पादित होते हैं

  2. (B)

    वे लघु-अणु दवाओं की रासायनिक रूप से समान प्रतियाँ हैं

  3. (C)

    उनके लिए कोई नियामक अनुमोदन प्रक्रिया नहीं होती

  4. (D)

    वे जटिल जैविक औषधियों की समान, लेकिन हूबहू प्रतियाँ नहीं होती हैं

व्याख्या

बायोसिमिलर का मूल बिंदु यह है कि वे पहले से अनुमोदित संदर्भ जैविक औषधि से अत्यधिक मिलते-जुलते होते हैं और उनसे कोई चिकित्सकीय रूप से अर्थपूर्ण अंतर नहीं होना चाहिए। फिर भी वे जेनेरिक दवाओं जैसे पूरी तरह रासायनिक रूप से समान प्रतिरूप नहीं होते, क्योंकि जैविक औषधियाँ सामान्यतः बड़े, जटिल अणु होती हैं और जीवित स्रोतों से बनती हैं। FDA के अनुसार जैविक उत्पादों में बैच-दर-बैच हल्के अंतर स्वाभाविक हो सकते हैं, इसलिए उन्हें ठीक-ठीक कॉपी करना सामान्यतः संभव नहीं होता। इसी कारण बायोसिमिलर को संदर्भ उत्पाद से तुलना और नियामक समीक्षा के बाद मंजूरी दी जाती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A गलत है, क्योंकि FDA जैविक औषधियों के जीवित स्रोतों में बैक्टीरिया, यीस्ट और पशु कोशिकाओं जैसे स्रोतों का उल्लेख करता है; इसलिए बायोसिमिलर केवल पादप स्रोतों तक सीमित नहीं हैं।
  • (B) B गलत है, क्योंकि लघु-अणु दवाओं की रासायनिक रूप से समान प्रतियाँ जेनेरिक दवाओं का विचार है, जबकि बायोसिमिलर जटिल जैविक औषधियों से जुड़े होते हैं।
  • (C) C गलत है, क्योंकि FDA बायोसिमिलर के लिए संदर्भ उत्पाद से तुलना, मूल्यांकन और अनुमोदन प्रक्रिया बताता है; इसलिए इनके लिए नियामक मंजूरी की प्रक्रिया होती है।

अवधारणा

यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में जैव-औषधि और दवा-नियमन की बुनियादी समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि नई स्वास्थ्य-प्रौद्योगिकी में परिभाषा, नियामक प्रक्रिया और व्यावहारिक अंतर साथ-साथ पूछे जाते हैं।

स्रोत

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