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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

जैव-संवर्धन से तात्पर्य है:

सही उत्तर: (A) फसलों का पोषण मूल्य बढ़ाने के लिए प्रजनन।

जैव-संवर्धन का अर्थ है प्रजनन या सुधार के ज़रिए ऐसी फसलें विकसित करना जिनमें पोषक तत्व अधिक हों और पौष्टिकता बेहतर हो।

  1. (A)

    फसलों का पोषण मूल्य बढ़ाने के लिए प्रजनन

  2. (B)

    प्रयोगशालाओं में भोजन बनाना

  3. (C)

    विकिरण से भोजन संरक्षित करना

  4. (D)

    भोजन में रसायन मिलाना

व्याख्या

जैव-संवर्धन में कटाई के बाद भोजन में बदलाव करने के बजाय फसल में ही पोषक तत्व बढ़ाए जाते हैं। इसके लिए पारंपरिक प्रजनन, कृषि पद्धतियों या आनुवंशिक संशोधन का सहारा लिया जा सकता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के इंडियन फार्मिंग लेख में भी ऐसी फसलों को जैव-संवर्धित कहा गया है जिनमें सूक्ष्म पोषक तत्व अधिक हों। लेख के अनुसार, परिषद ने चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार और अन्य लघु अनाजों में पोषक तत्व बढ़ाने पर काम किया। इसलिए विकल्प A सही है, क्योंकि वह फसल-प्रजनन को बेहतर पौष्टिकता से जोड़ता है। भारत में इसके उदाहरण हैं—लौह से भरपूर बाजरा धनशक्ति, जिंक से भरपूर गेहूं WB-02 और प्रोटीन से भरपूर मक्का पूसा विवेक QPM-9।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (B) प्रयोगशाला में तैयार भोजन कोशिकीय कृषि से जुड़ा है, जबकि जैव-संवर्धन में फसल में ही पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाई जाती है।
  • (C) विकिरण से भोजन को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया को खाद्य विकिरण कहते हैं। यह संरक्षण की विधि है; इससे प्रजनन या फसल-सुधार के ज़रिए अधिक पौष्टिक फसलें विकसित नहीं होतीं।
  • (D) भोजन तैयार होने के बाद उसमें रसायन मिलाना खाद्य-संवर्धन की प्रक्रिया है, जबकि जैव-संवर्धन में फसल में ही पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाई जाती है।

अवधारणा

यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की उस बुनियादी अवधारणा की समझ जाँचता है जो कृषि में जैव प्रौद्योगिकी को पोषण सुरक्षा से जोड़ती है। RAS में यह विषय बार-बार सामने आता है, क्योंकि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेतृत्व में होने वाला फसल सुधार, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और खाद्य सुरक्षा के उपाय विज्ञान को सार्वजनिक नीति से जोड़ते हैं।

स्रोत

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