RAS प्रश्न
रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) को WHO ने वैश्विक स्वास्थ्य खतरे के रूप में मान्यता दी है। निम्नलिखित में से कौन AMR में योगदान करता है?
सही उत्तर: (A) एंटीबायोटिक्स का अत्यधिक उपयोग और दुरुपयोग।
एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक उपयोग और दुरुपयोग से दवा-प्रतिरोधी सूक्ष्मजीवों का विकास तेज़ होता है, जिससे रोगाणुरोधी प्रतिरोध बढ़ता है।
व्याख्या
रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) तब पैदा होता है जब जीवाणु, विषाणु, फफूंद या परजीवी रोगाणुरोधी दवाओं पर प्रतिक्रिया देना बंद कर देते हैं। इससे संक्रमणों का उपचार कठिन हो जाता है और कभी-कभी उनका उपचार संभव नहीं रहता। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मनुष्यों, पशुओं और पौधों में रोगाणुरोधी दवाओं का गलत या अत्यधिक उपयोग दवा-प्रतिरोधी रोगजनकों के विकास का मुख्य कारण है। इसलिए विकल्प A सही है: बिना ज़रूरत एंटीबायोटिक्स लेना, उनका गलत इस्तेमाल, स्वयं दवा लेना, उपचार अधूरा छोड़ना और पशुओं के चारे में एंटीबायोटिक्स देना—ये सभी दवा-प्रतिरोधी सूक्ष्मजीवों के चयन का दबाव बढ़ाते हैं। यह समस्या अस्पतालों तक सीमित नहीं है। WHO इसे वैश्विक जन स्वास्थ्य और विकास के लिए बड़ा खतरा मानता है, जिससे निपटने के लिए मिलकर कदम उठाना ज़रूरी है। भारत ने भी 2017 में रोगाणुरोधी प्रतिरोध पर राष्ट्रीय कार्य योजना शुरू की, जो इस विषय की नीतिगत अहमियत दिखाती है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) हाथों की उचित सफ़ाई संक्रमण फैलने से रोकती है। इससे ऐसी परिस्थितियाँ कम होती हैं जिनमें एंटीबायोटिक्स की ज़रूरत पड़ सकती है; इसलिए यह रोगाणुरोधी प्रतिरोध को बढ़ावा नहीं देती।
- (C) डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटीबायोटिक्स का पूरा कोर्स करना सही है; रोगाणुरोधी प्रतिरोध का खतरा अधूरे उपचार से बढ़ता है, पूरा कोर्स करने से नहीं।
- (D) जीवाणु रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण संक्रमण रोकने में मदद करता है और एंटीबायोटिक्स की ज़रूरत घटा सकता है; इसलिए इससे रोगाणुरोधी प्रतिरोध का दबाव कम होता है।
अवधारणा
यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य की समझ परखता है: दवा प्रतिरोध कैसे विकसित होता है और रोगाणुरोधी दवाओं का सोच-समझकर उपयोग क्यों ज़रूरी है। RAS में रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि यह विषय स्वास्थ्य नीति, वन हेल्थ और भारत द्वारा 2017 में शुरू की गई रोगाणुरोधी प्रतिरोध पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAP-AMR) से जुड़ा है।
