अभ्यास प्रश्न
प्र.1पोषण के प्रश्न में मुख्य पोषक तत्वों और सूक्ष्म पोषक तत्वों को सही तरह अलग करने वाला समूह कौन-सा है?
A मुख्य पोषक तत्व: विटामिन ए और आयरन; सूक्ष्म पोषक तत्व: प्रोटीन और पानी
B मुख्य पोषक तत्व: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा; सूक्ष्म पोषक तत्व: विटामिन और खनिज, जैसे आयोडीन, आयरन, जिंक और कैल्शियम
C मुख्य पोषक तत्व: केवल कैलोरी; सूक्ष्म पोषक तत्व: केवल प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट
D मुख्य पोषक तत्व: आयोडीन और जिंक; सूक्ष्म पोषक तत्व: कार्बोहाइड्रेट और वसा
व्याख्या मुख्य पोषक तत्व वे हैं जिनकी शरीर को अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में जरूरत होती है, खासकर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा। सूक्ष्म पोषक तत्व कम मात्रा में चाहिए, लेकिन शरीर के सामान्य कार्यों के लिए अनिवार्य हैं; इनके उदाहरण विटामिन और आयोडीन, आयरन, जिंक तथा कैल्शियम जैसे खनिज हैं। कैलोरी की इकाई को पोषक तत्व वर्ग समझ लेना इस प्रकार के प्रश्न का सामान्य भ्रमकारी विकल्प है।
प्र.2गांव-स्तर के जागरूकता पोस्टर पर लिखा है: "पर्याप्त आयोडीन युक्त नमक नियमित लें, लेकिन नमक की मात्रा न बढ़ाएँ।" यह संदेश मुख्यतः किस कमी-जनित समस्या को रोकना चाहता है?
A विटामिन सी की कमी से होने वाला स्कर्वी
B थायमिन की कमी से होने वाला बेरी-बेरी
C आयोडीन की कमी से होने वाले विकार, जैसे घेंघा और बच्चों के मानसिक विकास में बाधा
D फोलेट और आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया
व्याख्या आयोडीन थायरॉयड हार्मोन बनने और मस्तिष्क के स्वस्थ विकास के लिए ज़रूरी है। इसकी कमी का दिखने वाला संकेत थायरॉयड ग्रंथि का बढ़ना, यानी घेंघा, हो सकता है और बच्चों के मानसिक विकास पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए संदेश यह है कि घर में सामान्य नमक के रूप में आयोडीन युक्त नमक इस्तेमाल करें, लेकिन कुल नमक की मात्रा फिर भी संयमित रखें।
प्र.3बाल-स्वास्थ्य की कौन-सी स्थिति अलग-थलग विटामिन कमी की बजाय प्रोटीन-ऊर्जा कुपोषण की ओर सबसे मजबूत संकेत देती है?
A लंबे समय तक कम भोजन के साथ गंभीर दुबलापन या सूजन, जिसमें संबंधित बीमारी की देखभाल के साथ पर्याप्त ऊर्जा और प्रोटीन की पूर्ति ज़रूरी हो।
B ताजे फलों का सेवन कम होने के बाद मसूड़ों से खून आना, जिसे केवल आयोडीनयुक्त नमक से ठीक किया जाए।
C आयोडीन की कमी से थायरॉयड का बढ़ना, जिसे दालें छोड़कर ठीक किया जाए।
D सामान्य वृद्धि के साथ रतौंधी, जिसे केवल कैल्सियम की गोलियों से ठीक किया जाए।
व्याख्या प्रोटीन-ऊर्जा कुपोषण कुपोषण की व्यापक स्थिति है, जो ऊर्जा और या प्रोटीन के अपर्याप्त सेवन से होती है। परीक्षाओं में इसे अक्सर मैरास्मस जैसे दुबलेपन वाले रूपों और क्वाशिओरकर जैसे सूजन वाले रूपों से जोड़ा जाता है। रोकथाम पर्याप्त स्तनपान, पूरक आहार, आहार विविधता, संक्रमण नियंत्रण और समय पर उपचार पर निर्भर करती है, किसी एक विटामिन गोली पर नहीं।
प्र.4कैल्सियम और विटामिन डी को कमी-जनित बीमारी तथा रोकथाम के उपाय से सही तरह कौन-सा विकल्प जोड़ता है?
A विटामिन डी की कमी से घेंघा होता है; रोकथाम नमक की जगह चीनी लेने से होती है।
B कैल्सियम का कम सेवन या विटामिन डी की कमी रिकेट्स में योगदान दे सकती है; रोकथाम में पर्याप्त कैल्सियम सेवन और सुरक्षित धूप-संपर्क शामिल है।
C कैल्सियम की कमी से मुख्यतः स्कर्वी होता है; रोकथाम केवल खट्टे फल खाने से होती है।
D कैल्सियम और विटामिन डी की कमी से एनीमिया होता है; रोकथाम दूध उत्पादों से बचने से होती है।
व्याख्या कैल्सियम और विटामिन डी मिलकर हड्डियों के खनिजीकरण में काम करते हैं। बच्चों में विटामिन डी की कमी, कैल्सियम का अपर्याप्त सेवन या दोनों मिलकर पोषण संबंधी रिकेट्स का कारण बन सकते हैं। इसलिए व्यावहारिक रोकथाम में आयु के अनुसार कैल्सियम-समृद्ध भोजन और सुरक्षित धूप-संपर्क शामिल हैं; पूरक केवल जरूरत होने पर दिए जाते हैं।
प्र.5एक बच्चे को दिन के उजाले में सामान्य दिखता है, लेकिन कम रोशनी में देखने में कठिनाई होती है। कौन-सी कमी और रोकथाम सलाह सबसे उपयुक्त है?
A आयरन की कमी; विटामिन सी-समृद्ध खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि वे आयरन अवशोषण घटाते हैं।
B कैल्सियम की कमी; धूप में जाना बंद करें और केवल अनाज-आधारित भोजन दें।
C विटामिन ए की कमी; उम्र के अनुसार विटामिन ए पूरक खुराक दें और हरी पत्तेदार तथा नारंगी-पीले खाद्य पदार्थ शामिल करें।
D आयोडीन की कमी; हर भोजन के साथ बिना आयोडीन वाला नमक दें।
व्याख्या अंधेरे में देखने में कठिनाई परीक्षा में रतौंधी का साफ संकेत मानी जाती है, जो विटामिन ए की कमी का प्रारंभिक लक्षण है। रोकथाम में पात्र बच्चों को कार्यक्रम के अनुसार विटामिन ए की रोगनिरोधी खुराक देना और नियमित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां तथा गहरे पीले या नारंगी फल-सब्जियां शामिल करना दोनों ज़रूरी हैं।
और प्रश्न
6सूक्ष्म पोषक तत्त्व, कमी का प्रभाव और रोकथाम का कौन-सा मिलान सही है?
Aजिंक - घेंघा - नियमित रूप से बिना आयोडीन वाला नमक इस्तेमाल करना।
Bविटामिन डी और कैल्सियम - बच्चों में रिकेट्स - कैल्सियम-समृद्ध खाद्य पदार्थ और जहां उचित हो वहां पर्याप्त धूप सुनिश्चित करना।
Cविटामिन ए - एनीमिया - सभी हरी पत्तेदार सब्जियां बंद करके उपचार करें।
Dआयरन - रतौंधी - केवल नारंगी फल दें और आयरन-समृद्ध खाद्य पदार्थ न दें।
7बार-बार दस्त होने वाले बच्चे को जन-स्वास्थ्य निर्देशों के अनुसार ओआरएस के साथ जिंक देने की सलाह दी जाती है। इस संदर्भ में जिंक का पोषण-तर्क क्या है?
Aजिंक सीधे खोया हुआ खून पूरा करता है, इसलिए आयरन से तेज एनीमिया ठीक करता है।
Bजिंक केवल थायरॉयड हार्मोन बनाने के लिए दिया जाता है, इसलिए यह आयोडीन युक्त नमक का विकल्प है।
Cजिंक आंख में विटामिन ए जमा करके रतौंधी रोकता है।
Dजिंक वृद्धि और रोग-प्रतिरोधक कार्यों में मदद करता है, और दस्त के दौरान पूरक देने से प्रकरण की अवधि और तीव्रता घट सकती है।
8मध्यम दैनिक शारीरिक गतिविधि करने वाली महिला के लिए संतुलित आहार का सबसे सही वर्णन कौन-सा है?
Aइसमें मुख्य रूप से अनाज होना चाहिए, क्योंकि केवल कैलोरी ही सबसे ज़रूरी आवश्यकता है।
Bइसमें वसा को पूरी तरह हटाना चाहिए, क्योंकि वसा की कोई पोषण संबंधी भूमिका नहीं होती।
Cइसमें केवल दूध पर निर्भर रहना चाहिए, क्योंकि वयस्कों की सभी पोषक जरूरतों के लिए दूध पूर्ण आहार है।
Dइसमें अलग-अलग खाद्य समूहों की चीजें उचित मात्रा में शामिल होती हैं, ताकि ऊर्जा, शरीर बनाने वाले पोषक तत्त्व, रक्षक पोषक तत्त्व, रेशा और पानी की जरूरत पूरी हो सके।
9सामुदायिक पोषण परामर्श में घेंघा जैसे आयोडीन-अल्पता विकारों की रोकथाम के लिए कौन-सी सलाह सीधे उपयोगी है?
Aकिशोरावस्था में दालें न खाएं, क्योंकि वे थायरॉयड की वृद्धि में बाधा डालती हैं।
Bघर के नियमित भोजन में पर्याप्त आयोडीनयुक्त नमक इस्तेमाल करें और उसकी जगह बिना आयोडीन वाला साधारण नमक न लें।
Cपॉलिश किए हुए चावल की मात्रा बढ़ाएं, क्योंकि यह आयोडीन का समृद्ध स्रोत है।
Dदैनिक भोजन में परिष्कृत चीनी की जगह अपरिष्कृत चीनी इस्तेमाल करें।
10महिला और बाल पोषण परामर्श सत्र में संतुलित आहार की बात समझानी हो, तो कौन-सी सलाह सबसे सही रहेगी?
Aऐसे अलग-अलग खाद्य पदार्थ चुनें जिनसे ऊर्जा, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज, रेशा और पानी की जरूरत पूरी हो, पर नमक, चीनी और अस्वस्थ वसा अधिक न हो।
Bमुख्य रूप से अनाज आधारित भोजन दें, क्योंकि रोज की कैलोरी के लिए केवल कार्बोहाइड्रेट ही सबसे सुरक्षित स्रोत हैं।
Cदाल, दूध, सब्जियों और फलों के मुख्य विकल्प के रूप में विटामिन की गोलियां दें।
Dवसा पूरी तरह बंद कर दें, ताकि हर आयु वर्ग में कुल कैलोरी कम बनी रहे।
11एक बच्चे को कम रोशनी में देखने में कठिनाई होती है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इसे विटामिन की कमी से जोड़ती है। कौन-सा पोषक तत्व-कमी युग्म सबसे उपयुक्त है?
Aविटामिन डी की कमी से रतौंधी
Bआयोडीन की कमी से रतौंधी
Cविटामिन ए की कमी से रतौंधी
Dआयरन की कमी से रतौंधी
12किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के पोषण परामर्श में आयरन के बारे में कौन-सा कथन सबसे सटीक है?
Aआयरन की कमी एनीमिया का एक सामान्य पोषण संबंधी कारण है, जिसमें थकान, कमजोरी, चक्कर या सांस फूलना दिख सकता है।
Bआयरन की कमी का महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंध नहीं है, क्योंकि माहवारी या गर्भावस्था में हीमोग्लोबिन की जरूरत नहीं बदलती।
Cआयरन की कमी रोकने के लिए दालें और हरी पत्तेदार सब्जियां नहीं खानी चाहिए, क्योंकि वे हीमोग्लोबिन बनने में बाधा देती हैं।
Dआयरन की कमी से मुख्यतः घेंघा होता है, इसलिए रोकथाम का सबसे अच्छा उपाय केवल आयोडीन युक्त नमक है।
13एक पर्यवेक्षक किशोरियों में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया की रोकथाम समझा रही है। उपायों का कौन-सा समूह सबसे उपयुक्त है?
Aआयरन-फोलिक एसिड पूरक आहार, जहां जरूरत हो वहां कृमिनाशन, और विविध आहार के साथ आयरन-समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ाएं।
Bसप्ताह में दो बार उपवास की सलाह दें, क्योंकि कम बार भोजन करने से हीमोग्लोबिन सुधरता है।
Cकेवल कैल्सियम की गोलियां दें और सभी दालें कम करने की सलाह दें।
Dहरी पत्तेदार सब्जियों की जगह तुरंत ऊर्जा के लिए मीठे पेय दें।