अभ्यास प्रश्न
प्र.1भारत शासन अधिनियम, 1919 और भारत शासन अधिनियम, 1935 में सही अंतर कौन-सा कथन बताता है?
A 1919 के अधिनियम ने प्रांतीय स्वायत्तता शुरू की, जबकि 1935 के अधिनियम ने पहली बार प्रांतों में द्वैध शासन शुरू किया।
B 1919 के अधिनियम ने पृथक निर्वाचक मंडल समाप्त किए, जबकि 1935 के अधिनियम ने उन्हें केवल यूरोपियनों के लिए फिर से बहाल किया।
C 1919 के अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन शुरू किया, जबकि 1935 के अधिनियम ने प्रांतीय स्वायत्तता और ऐसे अखिल भारतीय संघ का प्रावधान किया जो पूरी तरह लागू नहीं हो सका।
D 1919 के अधिनियम ने सत्ता ब्रिटिश ताज को सौंपी, जबकि 1935 के अधिनियम ने सत्ता संविधान सभा को सौंपी।
व्याख्या 1919 के अधिनियम में आए मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार प्रांतों में द्वैध शासन के लिए जाने जाते हैं, जहां विषयों को आरक्षित और हस्तांतरित श्रेणियों में बांटा गया। 1935 का अधिनियम डिजाइन के स्तर पर आगे गया: इसमें प्रांतीय स्वायत्तता और संघीय योजना का प्रावधान था, हालांकि स्वतंत्रता से पहले संघ पूरी तरह आकार नहीं ले सका।
प्र.21773 के रेग्युलेटिंग एक्ट से 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट तक संस्थागत बदलाव को सबसे ठीक किस युग्मित तुलना से समझा जा सकता है?
A 1773 के अधिनियम ने बंगाल के लिए गवर्नर-जनरल की रूपरेखा बनाकर संसदीय निगरानी की शुरुआत की, जबकि 1784 के अधिनियम ने कंपनी के मामलों पर राजनीतिक निगरानी के लिए नियंत्रण मंडल जोड़ा।
B 1773 के अधिनियम ने ईस्ट इंडिया कंपनी को समाप्त कर दिया, जबकि 1784 के अधिनियम ने उसे केवल व्यापारिक निगम के रूप में फिर से बहाल किया।
C 1773 के अधिनियम ने प्रांतीय स्वायत्तता शुरू की, जबकि 1784 के अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन शुरू किया।
D 1773 के अधिनियम ने पृथक निर्वाचक मंडल बनाए, जबकि 1784 के अधिनियम ने उन्हें संयुक्त निर्वाचक मंडलों से बदल दिया।
व्याख्या रेग्युलेटिंग एक्ट, 1773 कंपनी के भारतीय प्रशासन में संसद का शुरुआती हस्तक्षेप था, जिसमें खास तौर पर बंगाल की सर्वोच्च सत्ता को नए ढंग से व्यवस्थित किया गया। पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 ने कंपनी-राज खत्म नहीं किया; इसने नियंत्रण मंडल के जरिए ब्रिटिश सरकार की निगरानी को मजबूत रास्ता दिया और प्रसिद्ध दोहरे नियंत्रण की व्यवस्था बनी।
प्र.31907 के सूरत विभाजन की कौन-सी व्याख्या ऐतिहासिक रूप से सबसे मजबूत है?
A यह लखनऊ समझौते को स्वीकार करने पर कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुआ विभाजन था।
B यह इस मतभेद से पैदा हुआ कि भारतीय राष्ट्रीय सेना को जापान के साथ मिलकर लड़ना चाहिए या नहीं।
C यह ब्रिटिशों द्वारा कैबिनेट मिशन की समूह-योजना लागू करने से इनकार के कारण हुआ था।
D यह स्वदेशी उभार के बाद कांग्रेस में उदारवादियों और उग्रवादियों के बीच बढ़ती कार्यनीतिक और वैचारिक खाई को दिखाता था।
व्याख्या सूरत विभाजन को कांग्रेस के भीतर उदारवादियों और उग्रवादियों के टूटाव के रूप में पढ़ना सबसे ठीक है। उदारवादी संवैधानिक आंदोलन को प्राथमिकता देते थे, जबकि उग्रवादी अधिक जोरदार बहिष्कार, स्वदेशी और जन-संगठन पर बल देते थे। बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन ने टकराव को तेज किया, लेकिन यह कांग्रेस-लीग विवाद नहीं था।
प्र.416 मई 1946 की कैबिनेट मिशन योजना के संवैधानिक तर्क को सबसे ठीक कौन-सा कथन पकड़ता है?
A इसने ऐसे ढीले भारतीय संघ की सिफारिश की जो रक्षा, विदेश मामले और संचार जैसे सीमित विषय संभाले, और सांप्रदायिक तथा क्षेत्रीय दावों को साधने के लिए प्रांतों के समूह बनाए जाएं।
B इसने ब्रिटिश भारत को तुरंत भारत और पाकिस्तान में बांट दिया और रैडक्लिफ सीमा तय कर दी।
C इसने संविधान बनने तक ईस्ट इंडिया कंपनी को अंतरिम सत्ता के रूप में फिर से बहाल कर दिया।
D इसने संविधान सभा के विचार को समाप्त कर दिया और दस वर्ष तक भारत सचिव के प्रत्यक्ष शासन का प्रस्ताव रखा।
व्याख्या कैबिनेट मिशन योजना सत्ता-हस्तांतरण के साथ विभाजन टालने की आखिरी बड़ी कोशिशों में से थी। इसकी रूपरेखा में संघ स्तर पर कुछ ही विषय रखे गए और प्रांतीय समूहों के सहारे कांग्रेस की एकता-समर्थक सोच तथा मुस्लिम लीग की सुरक्षा-संबंधी मांगों के बीच संतुलन साधने की कोशिश हुई। इसकी विफलता ने घटनाओं को विभाजन की ओर धकेला।
प्र.5भारत छोड़ो आंदोलन की तत्काल पृष्ठभूमि को पढ़ने का सबसे सटीक तरीका कौन-सा है?
A यह कैबिनेट मिशन योजना को कांग्रेस और मुस्लिम लीग, दोनों द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद शुरू हुआ।
B यह क्रिप्स मिशन की विफलता और युद्धकाल में वास्तविक सत्ता-हस्तांतरण से इनकार की प्रतिक्रिया था।
C यह 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध से शुरू हुआ और शुरुआती उग्रवादियों ने इसका नेतृत्व किया।
D यह भारत शासन अधिनियम, 1919 के तहत द्वैध शासन का विरोध करने के लिए, पहले प्रांतीय चुनावों से पहले शुरू किया गया था।
व्याख्या भारत छोड़ो कोई सामान्य कांग्रेस विरोध-कार्यक्रम भर नहीं था। यह दूसरे विश्व युद्ध के दौरान क्रिप्स मिशन के भारतीय मांगों को संतुष्ट न कर पाने के बाद आया, जब ब्रिटेन भारतीय सहयोग तो चाहता था पर तत्काल सत्ता-हस्तांतरण नहीं। इसी से अगस्त 1942 में ब्रिटिशों के भारत छोड़ने और जन-संघर्ष का आह्वान निकला।
और प्रश्न
6रॉलेट सत्याग्रह, जलियांवाला बाग हत्याकांड और बाद के असहयोग आंदोलन को सबसे ठीक कौन-सी व्याख्या जोड़ती है?
Aरॉलेट आंदोलन केवल देसी रियासतों तक सीमित था, इसलिए जलियांवाला बाग के बाद कांग्रेस ने ब्रिटिश भारत छोड़कर सिर्फ़ रियासतों के शासकों के जरिए काम करना शुरू कर दिया।
Bरॉलेट एक्ट के आसपास हुए दमन और हत्याकांड ने ब्रिटिश न्याय पर अविश्वास गहरा किया, जिससे गांधी को औपनिवेशिक संस्थाओं से असहयोग का तर्क मजबूत करने में मदद मिली।
Cजलियांवाला बाग हत्याकांड नमक मार्च से शुरू हुए सविनय अवज्ञा आंदोलन का सीधा परिणाम था।
Dरॉलेट एक्ट ने उत्तरदायी शासन दिया, जिसका गांधी ने विरोध किया क्योंकि इससे सत्याग्रह की जरूरत कम हो जाती थी।
71857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश नीति की ये बातें देखिए: कंपनी शासन का औपचारिक अंत, ब्रिटिश ताज की मजबूत सत्ता, और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का आश्वासन। कौन-सा कथन इन्हें उनके सही ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ता है?
Aये इल्बर्ट बिल के प्रावधान थे, जो यूरोपियनों और भारतीयों पर आपराधिक अधिकार-क्षेत्र बराबर करने के लिए लाया गया था।
Bये 1905 में बंगाल विभाजन के बाद स्वदेशी आंदोलन की मांगें थीं।
Cये विद्रोह दबाए जाने के बाद भारत शासन अधिनियम, 1858 और महारानी विक्टोरिया की घोषणा से जुड़े थे।
Dये कैबिनेट मिशन ने भारत को कमजोर संघीय केंद्र के अंतर्गत एकजुट रखने के लिए शुरू किए थे।
8दिसंबर 1929 का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन सबसे अधिक किस कारण याद किया जाता है?
Aइसने क्रिप्स प्रस्ताव स्वीकार किया और अंतरिम राष्ट्रीय सरकार बनाई।
Bइसने मॉर्ले-मिंटो सुधारों के तहत मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल स्वीकार किए।
Cइसने राष्ट्रीय नेताओं की गिरफ्तारी के बाद भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया।
Dइसने पूर्ण स्वतंत्रता को कांग्रेस का लक्ष्य बनाया और 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने की जमीन तैयार की।
9एक इतिहासकार भारत में शुरुआती गांधीवादी राजनीति को 'अखिल भारतीय अभियान से पहले तरीकों को परखने वाले स्थानीय प्रयोग' कहता है। इस वर्णन से कौन-सा क्रम सबसे ठीक बैठता है?
Aचंपारण के नील किसान, अहमदाबाद के मिल मजदूर और खेड़ा के किसान असहयोग आंदोलन से पहले आए।
Bभारत छोड़ो, सविनय अवज्ञा और चंपारण, रॉलेट सत्याग्रह से पहले आए।
Cखेड़ा, बारडोली और कैबिनेट मिशन, चंपारण जांच से पहले आए।
Dभारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे, रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह और अहमदाबाद मिल हड़ताल, खिलाफत आंदोलन से पहले आए।
101857 के विद्रोह के इतिहास में मेरठ से दिल्ली तक के मार्च को केवल सैनिक हलचल नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
Aइसने विद्रोह का केंद्र अवध से मद्रास में स्थानांतरित कर दिया और दक्षिणी प्रेसिडेंसियों को विद्रोह में ला दिया।
Bइससे सिपाहियों को बहादुर शाह जफर की प्रतीकात्मक सत्ता का सहारा लेने का अवसर मिला और विद्रोह को व्यापक राजनीतिक भाषा मिली।
Cइसने ब्रिटिश संसद को तुरंत भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 पारित करने के लिए मजबूर कर दिया।
Dइसने विद्रोह को बंगाल के नील किसानों के नेतृत्व वाली किसान कर-हड़ताल में बदल दिया।