MCQ
सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन के 3 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1निम्नलिखित समाज सुधारकों में से कौन सती प्रथा के उन्मूलन से जुड़े थे?
सती प्रथा के खिलाफ अभियान में राजा राम मोहन राय की भूमिका सबसे प्रमुख मानी जाती है। उनके लेखन, तर्क और सार्वजनिक कोशिशों ने 1829 में गवर्नर जनरल विलियम बेंटिंक के समय सती प्रथा पर कानूनी रोक लगाने का माहौल बनाया। विवेकानंद मुख्य रूप से वेदांत और सामाजिक जागरण से जुड़े हैं। दयानंद सरस्वती आर्य समाज और वैदिक सुधारों के लिए जाने जाते हैं। गोविंद रानाडे पश्चिमी भारत के बड़े सुधारक थे, लेकिन सती प्रथा के उन्मूलन से सीधा प्रमुख संबंध राजा राम मोहन राय का है।
प्र.2भारतीय पुनर्जागरण का जनक किसे कहा जाता था?
राजा राम मोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का जनक कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में सामाजिक और धार्मिक सुधारों की मजबूत नींव रखी। सती प्रथा के विरोध, आधुनिक शिक्षा के समर्थन और तार्किक सोच को बढ़ाने में उनकी बड़ी भूमिका रही। केशव चंद्र सेन बाद के महत्वपूर्ण ब्रह्मो सुधारक थे, पर यह उपाधि उनसे नहीं जुड़ी है। देबेंद्र नाथ टैगोर ने ब्रह्मो समाज को आगे बढ़ाया। रवींद्र नाथ टैगोर बाद के बड़े साहित्यिक और सांस्कृतिक व्यक्तित्व थे।
प्र.3आर. जी. भंडारकर और आत्माराम पांडुरंग निम्नलिखित में से किस संगठन से जुड़े थे?
आर. जी. भंडारकर और आत्माराम पांडुरंग प्रार्थना सभा से जुड़े थे। यह पश्चिमी भारत का एक सुधारवादी संगठन था, जो धार्मिक और सामाजिक सुधारों पर काम करता था। होम रूल लीग स्वशासन की राजनीतिक मांग से जुड़ा आंदोलन था, जिसमें तिलक और एनी बेसेंट जैसे नेता प्रमुख थे। आत्मीय सभा राजा राममोहन राय की बंगाल की प्रारंभिक सुधार गतिविधियों से संबंधित है। रामकृष्ण मिशन की स्थापना बाद में स्वामी विवेकानंद ने की थी। इसलिए इन दोनों सुधारकों से मेल खाता संगठन प्रार्थना सभा है।
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